नई दिल्ली: हमारी बॉडी की तरह कार को भी देखभाल की जरुरत पड़ती है. अगर आप उसका ख्याल नहीं रखेंगे तो नई नवेली कार खटारा बन जाएगी, खासकर बदलते मौसम में. देश के कई हिस्सों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच रहा है. ऐसी भीषण गर्मी में कार मालिकों की सबसे बड़ी चिंता ओवरहीटिंग और टायर फटना बन गई है. छोटी-छोटी लापरवाही लाखों का नुकसान करा सकती है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि गर्मी शुरू होने से पहले कुछ बुनियादी चेक-अप करवा लेने से बड़े ब्रेकडाउन से बचा जा सकता है.
कार को गर्मी से बचाने के लिए सिर्फ एसी चलाना काफी नहीं. इंजन, टायर, बैटरी और पेंट तक को खास देखभाल की जरूरत है. सड़क पर लंबे सफर के दौरान अचानक समस्या न हो, इसके लिए पहले से तैयारी कर लेनी चाहिए. कई कार मालिक इन छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज कर बाद में पछताते हैं.
गर्मी में सबसे ज्यादा समस्या इंजन गर्म होने की आती है. कूलेंट लेवल और रेडिएटर को नियमित चेक करवाएं. अगर कूलेंट कम है तो तुरंत टॉप अप करें. इंजन ऑयल भी गर्मी सहने लायक हो, इसलिए सही ग्रेड का ऑयल इस्तेमाल करें. लंबे ट्रैफिक में एसी कम रखें और बीच-बीच में इंजन को आराम दें.
टायर फटने की सबसे बड़ी वजह गर्मी में बढ़ा हुआ प्रेशर है. हर हफ्ते टायर प्रेशर चेक करें और निर्माता द्वारा बताए गए लेवल से थोड़ा कम रखें. ज्यादा गर्मी में टायरों को सीधी धूप से बचाएं. पुराने या घिसे टायरों को तुरंत बदल दें. स्पेयर टायर भी तैयार रखें.
भीषण धूप में डैशबोर्ड, सीटें और इलेक्ट्रॉनिक्स जल्दी खराब हो सकते हैं. पार्किंग करते समय सनशेड जरूर लगाएं. विंडो पर टिंटेड फिल्म लगवाएं जो यूवी किरणों को रोके. गर्मी में कार के अंदर प्लास्टिक और चमड़े की चीजों पर कवर का इस्तेमाल करें.
गर्मी बैटरी की उम्र तेजी से घटाती है. बैटरी टर्मिनल साफ रखें और पानी का लेवल चेक करें. एसी फिल्टर साफ करवाएं ताकि ठंडक ठीक मिले. अगर एसी ठंडा नहीं कर रहा तो तुरंत सर्विस सेंटर ले जाएं. वाइपर ब्लेड भी बदलने की जरूरत पड़ सकती है क्योंकि गर्मी में रबर जल्दी खराब होता है.
हर 15 दिन में एक बार पूरे वाहन का विजुअल चेक करें. लंबी यात्रा से पहले सर्विसिंग जरूर करवाएं. कार को छायादार जगह पर पार्क करें. इमरजेंसी टूलकिट, पानी और फर्स्ट एड बॉक्स हमेशा साथ रखें. इन छोटी-छोटी सावधानियों से आप न सिर्फ पैसे बचाएंगे बल्कि परिवार की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेंगे.