West Bengal Assembly Election 2026

PA की जगह सुवेंदु अधिकारी को था मारने का प्लान! फिर कैसे शिकार बन गए चंद्रनाथ रथ; यहां समझें क्रोनोलॉजी

पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए पर किए गए हमले ने लोगों के मन में बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. लोगों का कहना है कि क्या इतनी बड़ी तैयारी केवल एक पीए के लिए की गई थी या असली टारगेट कोई और था?

X ( @AnchorAnandN), ANI
Shanu Sharma

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजा आने के बाद राज्य के राजनीतिक इतिहास में एक नया रक्तचरित्र अध्याय लिखा गया है. इस नए अध्याय ने राज्य में कानून व्यवस्था के हाल को उजागर किया है. राज्य में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह से ठीक पहले बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक की निर्मम हत्या ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. 

कोलकाता से मध्यमग्राम लौट रहे चंद्रनाथ रथ पर बुधवार की रात करीब 11 बजे हमला कर दिया गया. यह हमला कोई सामान्य हत्याकांड नहीं बल्कि टारगेट किलिंग की ओर इशारा कर रही है. लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि हमलावरों का टारगेट था कौन? 

PA की हत्या के लिए ऐसी प्लानिंग?

सुवेंदु अधिकारी के पीए जिस सफेद स्कॉर्पियों में सवार थे, उसपर पश्चिम बंगाल विधानसभा का बोर्ड लगा हुआ था. इस गाड़ी का इस्तेमाल सुवेंदु अधिकारी के काफिले में किया जाता था. पुलिस के सूत्रों द्वारा अनुमान लगाया जा रहा है कि हमलावरों ने गाड़ी पर लगे बोर्ड को देखकर इसे सुवेंदु अधिकारी की गाड़ी समझ लिया. हालांकि गाड़ी में जब सुवेंदु नजर नहीं आए तो उन्होंने उनके पीए को निशाना बनाया.

जानकारी के मुताबिक हमलावर काफी दूर से उनका पीछा कर रहे थे, जैसे ही इलाका थोड़ा शांत मिला उन्होंने अचानक चंद्रनाथ के स्कॉर्पियों को ओवरटेक कर लिया. जब तक वह कुछ समझ पाते तबतक हमलावरों की ओर से ताबतोड़ हमले शुरू हो गए. मिल रही जानकारी के मुताबिक इस हमले के लिए 8 बंदूकधारियों और 5 गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया. ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या सच में केवल पीए की हत्या के लिए युद्ध स्तर की तैयारी की गई थी?

ओवरकिल के पीछे किसकी जान लेने की थी तैयारी?

पुलिस के उच्च सूत्रों का कहना है कि इस घटना में ओवरकिल यानी जरूरत से ज्यादा ताकत का इस्तेमाल किया गया. ऐसे मामले ज्यादा तर किसी बड़े नेता या वीवीआईपी से जुड़ा होता है. मिल रही जानकारी के मुताबिक जिस हथियार का इस्तेमाल किया गया वह भी कोई मामूली हथियार नहीं थे बल्कि एक सुपर किलर के हथियार थे. वहीं इसमें जिस गाड़ी का इस्तेमाल किया गया, उसके नंबर प्लेट नकली थे.

कुल मिलाकर हमलावर पूरी तरह से अपडेट था और उसे हर एक पल की जानकारी थी. बीजेपी के कुछ नेताओं ने इसके पीछे टीएमसी का हाथ बताया है. हालांकि टीएमसी की ओर से इसे सिरे से खारिज करते हुए सीबीआई जांच की मांग की गई है. इस मामले ने टारगेटेड पॉलिटिकल असेसिनेशन जैसे विषय पर सोचने के लिए एक बार फिर से मजबूर कर दिया है. हालांकि पुलिस मामले की जांच में जुटी है.