टीएमसी की हार पर हुमायूं कबीर चहके, बोले- ममता दीदी के साथ जो हुआ, अच्छा ही हुआ

मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद निर्माण के ऐलान से चर्चा में आए हुमायूं कबीर टीएमसी की हार पर खासे खुश हैं. उन्होंने कहा- ममता दीदी ने 15 वर्षों तक बंगाल को खूब लूटा है और बंगाल की जनता ने उन्हें लूट जवाब दे दिया. बोले- जो ‌हुआ, अच्छा ही हुआ.

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Sagar Bhardwaj

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद निर्माण का ऐलान कर चर्चा में आए हुमायूं कबीर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार पर खासे गदगद हैं. उन्होंने एएनआई से बात करते हुए कहा कि ममता बनर्जी हार गईं तो बहुत अच्छा हुआ, उन्होंने बंगाल को अंग्रेजों से भी ज्यादा लूटा है. हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने अपने भतीजे के जरिए बंगाल को 15 सालों तक लूटा, इसीलिए बंगाल की जनता ने उनका ऐसा हश्र किया. चुनावी रूझानों पर खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा- जो हुआ, बहुत अच्छा हुआ.

टीएमसी विधायक रहते किया था मस्जिद निर्माण का ऐलान

हुमायूं कबीर ने टीएमसी विधायक रहते हुए ही मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण का ऐलान किया था. इस ऐलान के बाद पहले तो ममता बनर्जी चुप्पी साधे रहीं लेकिन जब ज्यादा थू-थू होने लगी को अपनी पार्टी से निकाल दिया. हालांकि तब तक टीएमसी का काफी नुकसान हो चुका था. बाबरी ‌मस्जिद निर्माण के ऐलान के बाद हिंदु- मुस्लिम के बीच की खाई काफी गहरी हो चुकी थी. इस बीच हुमायूं कबीर बाबरी मस्जिद का शिलान्यास करने में भी कामयाब रहे. सियासी जानकार मानते हैं कि इसी खाई में ममता बनर्जी की पार्टी समा गई.

ओवैसी ने भी दी ध्रुवीकरण को धार

हुमायूं कबीर ने अपनी पार्टी बनाकर बंगाल चुनाव लड़ने का ऐलान किया तो एआईएमआईएम प्रमुख असदउद्दीन ओवैसी ने गठबंधन का ऐलान कर दिया. ओवैसी के इस ऐलान के बाद बंगाल में ध्रुवीकरण की धार और तेज होती चली गई और हिंदू वोट एक सुर में बीजेपी के साथ चला गया जबकि मुस्लिम वोट बंट गया. हालांकि बाद हुमायूं कबीर का कथित वीडियो वायरल होने के बाद ओवैसी ने गठबंधन तोड़ दिया था.

बोले- टीएमसी को भ्रष्टाचार का नतीजा मिल गया

हुमायूं कबीर ने कहा है कि बंगाल में टीएमसी ने 15 साल तक जो लूट मचाई है, उसे उसका नतीजा मिल गया है. उन्होंने कहा कि जनता सब जानती है, जनता से कुछ नहीं छिपा सकते. और जनता जब अपनी पर आती है तो बड़े- बड़ों का हिसाब कर देती है, ममता बनर्जी का भी कर दिया, दीदी को अपने किए का फल मिला है. बता दें कि हुमायूं कबीर दो सीटों पर चुनाव लड़े और दोनों सीटें जीत गए. उन्होंने कहा है कि कौन सी सीट से इस्तीफा देंगे, यह फैसला जल्द ही लिया जाएगा.