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चुनाव जीतते ही BJP नेता ने पूरा किया अपना वादा, सालों से बंद आसनसोल के दुर्गा मंदिर का खोला दरवाजा; देखें वीडियो

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत के बाद कई ऐतिहासिक पल देखने को मिले. जिसमें से एक पल आसनसोल का है. जहां सालों से बंद पड़े मंदिर को एक बार फिर से आम जनता के लिए खोल दिया गया.

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Shanu Sharma

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत के साथ जीत मिली है. इस जीत की खुशी पूरे बंगाल में दिख रहा है. सभी लोग अपने-अपने तरीके से जश्न मना रहे हैं. वहीं आसनसोल में सालों से बंद मंदिर को खोल कर जश्न मनाया गया. बस्तिन बाजार स्थित श्री दुर्गामाता चैरिटेबल ट्रस्ट के प्राचीन दुर्गा मंदिर के द्वार आखिरकार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं..

सालों से बंद पड़े इस धार्मिक स्थल के खुलने से पूरे इलाके में खुशी और धार्मिक उमंग की लहर दौड़ गई है. मंदिर खुलते ही यहां बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे, मां दुर्गा की आराधना की और जयकारे लगाए. लंबे इंतजार के बाद यह पल स्थानीय लोगों के लिए उत्सव बन गया है.

स्थानीय लोगों में खुशी की लहर

इलाके में  रहने वाले लोगों का कहना है कि यह मंदिर उनकी आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है, लेकिन विवादों के कारण यह लंबे समय से बंद रहा. केवल दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों पर ही मंदिर के कपाट खुलते थे. बाकी दिनों में श्रद्धालु मां के दर्शन को तरसते रहते थे. कई वर्षों से स्थानीय लोग मंदिर को पूरे साल खोलने की मांग करते आ रहे थे. अब यह मांग पूरी होने पर लोगों में अपार प्रसन्नता है. इस घटना को चुनाव से इसलिए भी जोड़ा जा रहा है क्योंकि आसनसोल उत्तर सीट से विजयी उम्मीदवार कृष्णेंदु मुखर्जी ने चुनाव के दौरान वादा किया था कि चुनाव जीतने के बाद वह इस मंदिर के दरवाजे खुलावा देंगे और चुनाव जीतने के कुछ घंटों के अंदर ही उन्होंने इस वादे को पूरा भी कर दिया.

चुनाव जीतते ही पूरा किया वादा

चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी उम्मीदवार मुखर्जी ने कहा था कि अगर वजह जीतते है तो इस मंदिर के दरवाजे को 365 दिनों के लिए आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा. चुनाव परिणाम घोषित होते ही उन्होंने मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की और स्वयं मंदिर के द्वार खोल दिए. आज मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ जुटने लगी. महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी मां दुर्गा के चरणों में श्रद्धा अर्पित करने पहुंचे. पूजा-अर्चना के साथ मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का माहौल छा गया. कई लोगों ने भावुक होकर इसे इंतजार का फल बता रहे हैं.