तमिलनाडु में चुनाव नतीजों से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. पार्टियों को डर है कि शायद किसी को भी पूर्ण बहुमत न मिले जिसके चलते वे रणनीतिक कदम उठा रही हैं. अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी, 'तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) ने कथित तौर पर एक योजना तैयार की है, ताकि चुनाव जीतने वाले अपने संभावित उम्मीदवारों को एकजुट रखा जा सके.
पार्टी सूत्रों के की मानें तो विजय ने निर्देश दिया है कि 4 मई को जब चुनाव नतीजे घोषित होंगे तो सभी विजयी उम्मीदवार तुरंत पनैयूर स्थित पार्टी मुख्यालय में इकट्ठा हों. इस कदम का मकसद विरोधी पार्टियों द्वारा नए चुने गए विधायकों को अपने पाले में लाने की किसी भी कोशिश को नाकाम करना है.
इस रणनीति के तहत TVK ने महाबलीपुरम के पास पूंजेरी इलाके में एक निजी रिसॉर्ट बुक करने की व्यवस्था भी की है. यदि जरूरत पड़ी तो विजयी विधायकों को वहां ले जाकर एक साथ रखा जा सकता है. इस 'रिसॉर्ट पॉलिटिक्स' के पीछे का विचार विधायकों की खरीद-फरोख्त से बचना है. यह एक ऐसी कुप्रथा है जिसमें विरोधी पार्टियां अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए चुने हुए प्रतिनिधियों को प्रभावित करने या उन्हें अपने साथ मिलाने की कोशिश करती हैं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक एग्जिट पोल के अनुमानों में कड़े मुकाबले का संकेत मिलने के बाद विजय ने पार्टी नेताओं के साथ आंतरिक बैठकें कीं. जहां ज्यादातर सर्वेक्षणों में सत्ताधारी 'द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम' (DMK) की जीत का अनुमान लगाया गया है, वहीं 'एक्सिस माई इंडिया' के एक एग्जिट पोल ने TVK को काफी सीटें मिलने का अनुमान जताया है लगभग 98 से 120 सीटें.
TVK ने पहले भी महत्वपूर्ण बैठकों के लिए इसी रिसॉर्ट का इस्तेमाल किया है, क्योंकि इसमें 100 से ज्यादा लोगों के ठहरने की क्षमता है. पार्टी ने अपनी कानूनी टीम को भी निर्देश दिया है कि वे नतीजों के दौरान या उसके बाद पैदा होने वाली किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहें. इसके अलावा, उसकी चुनाव प्रबंधन टीम से कहा गया है कि वे चुनाव आयोग से संपर्क करें, ताकि मतगणना के दिन कानून-व्यवस्था की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके.
इस बीच सत्ताधारी DMK को अपनी जीत का पूरा भरोसा है. पार्टी प्रवक्ता सेलम धरणीधरन ने कहा कि यह चुनाव सिर्फ सरकार बनाने के बारे में नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए एक मजबूत विपक्ष तैयार करने के बारे में भी है. उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को जनता का जबरदस्त समर्थन हासिल है. साथ ही, उन्होंने विजय पर तंज कसते हुए कहा कि उनके लिए राजनीति शायद सिर्फ एक शौक से ज्यादा कुछ नहीं है. जैसे-जैसे नतीजों का दिन करीब आ रहा है, तमिलनाडु का राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और सभी की नजरें इस पर टिकी हुई हैं.