Tamil Nadu Election Exit Poll Result 2026: तमिलनाडु में इस बार चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा. 23 अप्रैल को हुए मतदान में जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. 84% से ज्यादा वोटिंग ने साफ संकेत दिया कि लोग बदलाव या स्थिरता-दोनों में से किसी एक को मजबूती से चुनना चाहते हैं. राज्य की 234 सीटों पर 4000 से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में थे. इतना बड़ा जनादेश इस चुनाव को ऐतिहासिक बना रहा है.
इस चुनाव में असली टक्कर M. K. Stalin के नेतृत्व वाले DMK-कांग्रेस गठबंधन और Edappadi K. Palaniswami के नेतृत्व वाले AIADMK-BJP गठबंधन के बीच देखने को मिल रही है. दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं. इसके अलावा अभिनेता Vijay की पार्टी TVK भी इस बार चुनावी समीकरण को प्रभावित करती नजर आ रही है.
इंडिया डेली के AI एग्जिट पोल के मुताबिक AIADMK-BJP गठबंधन को 110 से 140 सीटें मिल सकती हैं. यह आंकड़ा बताता है कि यह गठबंधन बहुमत के करीब या उससे आगे जा सकता है. वोट प्रतिशत की बात करें तो इस गठबंधन को 40 से 47 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है, जो इसे सबसे मजबूत दावेदार बनाता है.
वहीं DMK-कांग्रेस गठबंधन को 70 से 100 सीटें मिलने का अनुमान है. वोट शेयर 34 से 41 फीसदी के बीच रहने की संभावना है. हालांकि यह आंकड़ा DMK के लिए चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि 2021 में इसी गठबंधन ने बड़ी जीत हासिल की थी. इस बार मुकाबला पहले से ज्यादा कड़ा नजर आ रहा है.
अभिनेता विजय की पार्टी TVK इस चुनाव में नई ताकत के रूप में उभरी है. एग्जिट पोल के अनुसार TVK को 4 से 10 सीटें मिल सकती हैं. वोट प्रतिशत 13 से 21 फीसदी तक रहने का अनुमान है. यह संकेत देता है कि भले ही सीटें कम हों, लेकिन वोट शेयर में TVK ने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है.
अन्य पार्टियों को इस चुनाव में ज्यादा फायदा होता नहीं दिख रहा. एग्जिट पोल के अनुसार उन्हें 1 से 7 सीटें मिल सकती हैं. वोट प्रतिशत 4 से 8 फीसदी के बीच रहने का अनुमान है. इससे साफ है कि मुख्य मुकाबला दो बड़े गठबंधनों के बीच ही सिमट गया है.
मुख्यमंत्री पद के लिए पसंद की बात करें तो इस बार भी मुकाबला दिलचस्प है. एग्जिट पोल के अनुसार के. पलानीस्वामी को 37% लोगों ने पसंद किया है, जबकि एम.के. स्टालिन को 31% समर्थन मिला है. वहीं विजय को 11% लोगों ने सीएम के तौर पर पसंद किया है. बाकी 21% लोग अन्य विकल्पों के पक्ष में हैं. इससे साफ है कि जनता के बीच नेतृत्व को लेकर भी बंटवारा है.
एग्जिट पोल के ये आंकड़े भले ही एक तस्वीर पेश कर रहे हों, लेकिन असली फैसला 4 मई को वोटों की गिनती के बाद ही सामने आएगा. तमिलनाडु की राजनीति में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है या फिर पुरानी सरकार वापसी कर सकती है. इसका जवाब अब कुछ ही दिनों में मिल जाएगा.