तमिलनाडु के लिए आज ऐतिहासिक दिन है. चुनाव के नतीजे आने के बाद चले उथल-पुथल के बाद राज्य में लगभग छह दशकों से चल रहा दो प्रमुख द्रविड़ दलों का राज खत्म हो गया. आज यानी रविवार को तमिलगा वेत्री कड़गम यानी TVK के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय ने फाइनली मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.
तमिलनाडु के इस ऐतिहासिक राजनीतिक मौके पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मौजूद रहें. राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने जवाहरलाल नेहरू इनडोर स्टेडियम में आयोजित समारोह में विजय को शपथ दिलाई. उनके साथ अन्य नौ मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण किया.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद भी विजय को सीएम बनने के लिए काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा. हालांकि अंत में छह दशकों में पहली बार राज्य में किसी गैर-द्रविड़ दल की सरकार बनी. इसी के साथ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम तथा द्रविड़ मुनेत्र कषगम का वर्चस्व अंत की ओर बढ़ गया.
सीएम थलपति विजय के साथ नौ मंत्रियों ने भी शपथ ली है. इन मंत्रियों की लिस्ट में आवध अर्जुना, केजी अरुणराज, पी वेंकटरमन, आर निर्मलकुमार, राजमोहन, टीके प्रभु, एन आनंद, केए सैंगोट्टेयन और एक महिला मंत्री एस कीर्तना भी शामिल हैं. एस कीर्तना, पूर्व मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के साथ काम कर चुकी हैं.
234 विधानसभा सीटों वाले इस राज्य में थलपति को सरकार बनाने के लिए 118 सीट चाहिए. जिसमें से खुद टीवीके ने 108 सीटों पर जीत हासिल की. हालांकि विजय दो सीटों पर जीते थे, इसलिए उन्हें एक सीट छोड़ना पड़ा जिसके बाद उनके पास कुल 107 सीटें बची. इसके बाद उन्होंने अलग-अलग पार्टियों से समर्थन मांगा.
जिसमें कांग्रेस के 5 विधायक, सीपीआई के 2 विधायक, सीपीआई(एम) के 2 विधायक, आईयूएमएल के 2 विधायक और वीसीके के 2 विधायक ने समर्थन दिया. जिसके बाद विजय की पार्टी सरकार बनाने में सफल रही. इस चुनाव की सबसे खास बात यह है कि टीवीके के जिस 107 विधायकों ने जीत हासिल की है, उसमें से 93 ने पहली बार चुनाव लड़ा था. जिसमें से खुद विजय भी शामिल हैं. तमिलनाडु के इतिहास में ऐसी जीत पहली बार मिली है.