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एंट्री करने में हुई 2 मिनट की देरी तो नहीं देने दिया NEET का एग्जाम, वायरल वीडियो में फूट-फूट कर रोई लड़की

NEET PG 2024 Viral Video: एक दिल दहला देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें एक लड़की NEET PG परीक्षा केंद्र के गेट पर रोते-बिलखते हुए नजर आ रही है. उसे कथित तौर पर सिर्फ 2 मिनट की देरी के कारण परीक्षा देने से रोक दिया गया था. घटना को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं.

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एंट्री करने में हुई 2 मिनट की देरी तो नहीं देने दिया NEET का एग्जाम, वायरल वीडियो में फूट-फूट कर रोई लड़की
Courtesy: Screengrab

NEET PG 2024 Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक लड़की परीक्षा केंद्र के गेट पर रोते-बिलखते हुए नजर आ रही है. बताया जा रहा है कि उसे नीट पीजी परीक्षा देने से सिर्फ 2 मिनट की देरी की वजह से रोक दिया गया. वीडियो में लड़की को गेट के बाहर रोते और चिल्लाते हुए देखा जा सकता है. 

2 मिनट की देरी से साल हुआ खराब

यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई और लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं. कुछ लोगों ने छात्रा के साथ सहानुभूति दिखाई और कहा कि 2 मिनट की देरी कोई बड़ी बात नहीं है. वहीं, दूसरी ओर कुछ लोगों का कहना है कि नियम स्पष्ट हैं और छात्रा को भले ही केवल दो मिनट की देरी हुई हो, लेकिन उसे एंट्री नहीं मिलनी चाहिए थी.

घटना की सही तारीख और स्थान का पता नहीं चल पाया है, लेकिन वीडियो को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर 'SurajPB5' नाम के यूजर ने शेयर किया था. पोस्ट में बताया गया है कि गेट सुबह 8:30 बजे बंद हो गया था और लड़की 8:32 बजे पहुंची थी. उसे एंट्री गेट के बारे में गलतफहमी के कारण एंट्री से मना कर दिया गया था.

गुहार लगाती रही छात्रा पर नहीं मिली एंट्री

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि छात्रा गेट के बाहर काफी भावुक हो रही है और परीक्षा देने की गुहार लगा रही है. हालांकि, परीक्षा केंद्र के अधिकारियों ने उसे प्रवेश देने से इनकार कर दिया. इस घटना ने सोशल मीडिया पर काफी विवाद खड़ा कर दिया है. कुछ लोग छात्रा के साथ सहानुभूति जता रहे हैं और मानते हैं कि सिर्फ 2 मिनट की देरी के लिए उसे परीक्षा देने से रोकना गलत है. 

वहीं, दूसरी ओर कुछ लोग परीक्षा केंद्र के नियमों का हवाला देते हुए छात्रा के साथ सहानुभूति नहीं रखते हैं. इस घटना ने एक बार फिर से परीक्षा प्रणाली में सख्ती और छात्रों की भावनाओं के बीच संतुलन बनाने की जरूरत पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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