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Galgotia यूनिवर्सिटी है WhatsApp विश्वविद्यालय? क्यों यहां के स्टूटेंड हो रहे हैं ट्रोल

Galgotia के छात्र कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. उनका वहीं से एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ कि लोग बुरी तरह यहां के छात्रों को ट्रोल करने लगे. वजह क्या है, पढ़ लीजिए.

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India Daily Live

गलगोटिया विश्वविद्यालय में अगर आप पढ़ते हैं तो कुछ दिन, सोशल मीडिया न चलाएं. आपने गलती से फेसबुक, इंस्टाग्राम या X खोल लिया तो आपका दिन खराब हो जाएगा. अब इस यूनिवर्सिटी के छात्रों की पढ़ाई लिखाई पर सवाल उठ रहे हैं. लोगों का कहना है कि ये स्टूडेंट, गलगोटिया में पढ़ते हैं या वॉट्सऐप्प पर. यहां के छात्र कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, जब उनसे पूछा गया कि किस बात का विरोध कर रहे हैं तो उन्होंने जो कहा, उसे सुनकर आप लोट-पोट हो जाएंगे. 

छात्रों के विरोध प्रदर्शन का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. छात्र कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. एक रिपोर्टर ने उनसे सवाल किया कि विरासत टैक्स क्या है, शहरी नक्सलवाद क्या है और जिहाद क्या है, इस पर वे कुछ बोल ही नहीं पाए. जबकि ज्यादातर छात्रों के हाथों में तख्तियां थीं, जिस पर इन शब्दों को लिखा गया था. वे लिखे हुए नारों तक को पढ़ नहीं पा रहे थे. सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि यार, ये कैसी पढ़ाई है, जब लिखा हुआ तक नहीं लोग पढ़ पा रहे हैं.

रिपोर्टर ने पूछा क्या था?

रिपोर्टर ने एक स्टूडेंट से पूछा कि बोर्ड पर क्या लिखा है पढ़कर बता दो. छात्र पढ़ता है, 'मां बहन के बेटे पर न नजर जाड़ो.' रिपोर्टर तुरत सही करता है कि नजर न गड़ाओ. रिपोर्टर जब सवाल करता है कि आप किस बात पर प्रोटेस्ट कर रहे हैं तो छात्र जवाब देता है कि वो बीजेपी को सपोर्ट करता है. छात्र कुछ भी प्रोटेस्ट पर नहीं बता पाता है. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

एक यूजर ने लिखा, 'नवोदय विद्यालय से 12वीं पास करने के बाद मुझे Galgotia या Amity यूनिवर्सिटी जाने का भूत सवार था. लेकिन मेरे पिता जी ने 4 लातें मारकर मुझे BHU भेज दिया था. मैंने अभी जाकर पैर छूकर उनसे माफी मांगी है.'


ऑटो वाले भइया छात्रों से बेहतर!

सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा कि दिल्ली का ऑटोवाला भी इन छात्रों से बेहतर जानता है. ऑटोवाले का एक इंटरव्यू वायरल हुआ था जिसमें अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए गए थे. ऑटोवाले ने कहा था कि बीजेपी की यह तानाशाही है किसी की मुख्यमंत्री को जेल में डाल देना. लोगों ने कहा था कि ऑटो वाले भइया, राजनीतिक तौर पर बेहद जागरूक हैं.