'स्टूडेंट के साथ कई बार सेक्स किया',टीचर ने कुबूला घिनौना जुर्म, कोर्ट में जज समेत सभी मौजूद लोग हुए हैरान

ऑस्ट्रेलिया में एक हाई-स्कूल टीचर ने 15 वर्षीय छात्र के साथ कई बार यौन संबंध बनाने और उसे गुमराह करने का गुनाह कोर्ट में कुबुल किया है. कबूलनामे के बाद कोर्ट ने उस पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए हैं.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: स्कूल हमेशा से बच्चों के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद जगह मानी जाती है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में सामने आए एक मामले ने इस विश्वास को हिला कर रख दिया है. 

37 वर्षीय हाई-स्कूल टीचर कार्ली राय ने कोर्ट में स्वीकार किया कि उसने अपने नाबालिग छात्र के साथ कई बार यौन संबंध बनाए और उसे पुलिस से झूठ बोलने के लिए भी उकसाया. उसके कबूलनामे के बाद न केवल उसकी नौकरी चली गई बल्कि कोर्ट ने उसे किसी भी 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चे के साथ अकेले रहने से भी रोक दिया है.

कबूलनामे से खुला चौंकाने वाला सच

कार्ली राय हाल ही में कोर्ट में पेश हुई, जहां उसने खुले तौर पर अपना गुनाह स्वीकार किया. उसने माना कि अक्टूबर 2024 में उसने 15 वर्षीय छात्र के साथ अवैध संबंध बनाए. यह घटनाएं न्यूकैसल, न्यू साउथ वेल्स के अलग-अलग स्थानों पर हुईं, जहां वह बतौर टीचर काम करती थी. पहली गिरफ्तारी भी उसी महीने हुई थी.

सोशल मीडिया के जरिए ग्रूमिंग के संकेत

जांच में सामने आया कि राय लंबे समय से छात्र को मानसिक रूप से प्रभावित कर रही थी. उसने स्नैपचैट और इंस्टाग्राम पर कई स्पष्ट संदेश भेजे थे, जिनमें मिलने और संबंध बनाने की इच्छा व्यक्त की गई थी. एक संदेश में उसने 'खिलौना' लाने की बात लिखी, जबकि एक अन्य संदेश में उसने लड़के को मिलने को 'बहुत टेम्पटिंग' बताया.

पुलिस को झूठ बोलने के लिए दबाव

मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब पता चला कि टीचर ने छात्र को पुलिस से गलत बयान देने के लिए भी मनाने की कोशिश की. वह चाहती थी कि लड़का जांच को गलत दिशा में ले जाए. इस कोशिश को न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने की श्रेणी में रखा गया और इसे भी अपराध माना गया.

कोर्ट के आदेश और आगे की कार्रवाई

हालांकि अंतिम सजा मार्च 2026 में सुनाई जाएगी, लेकिन कोर्ट ने अभी से कई कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं. कार्ली राय को किसी भी 16 वर्ष से कम आयु के बच्चे के साथ अकेले रहने पर रोक लगा दी गई है. स्कूल प्रशासन ने भी तुरंत प्रभाव से उसकी नौकरी समाप्त कर दी है.

मामले ने खड़े किए गंभीर सवाल

यह घटना शिक्षा व्यवस्था में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाती है. विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बच्चों की ग्रूमिंग बढ़ती चिंता बन गई है. यह मामला बताता है कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा की गई ऐसी हरकत बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को कितनी गहराई तक प्रभावित कर सकती है.