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अब गलत जानकारी देकर इंश्योरेंस पॉलिसी नहीं बेच पाएंगे बीमा एजेंट, जल्द लागू हो सकता है ये नया नियम

अब कोई भी एजेंट अपने ग्राहकों को झूठ बोलकर पॉलिसी नहीं बेच पाएगा. दरअसल उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने इस तरह की दिक्कतों को दूर करने केलिए वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर कुछ सुझाव दिये हैं.

Sagar Bhardwaj

Insurance Policy: इंश्योरेंस पॉलिसी को लेकर बीमा कंपनियों और ग्राहकों के बीच विवाद के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. कंपनी और पॉलिसी होल्डर के बीच विवाद बढ़ने का सबसे बड़ा कारण एजेंट द्वारा पॉलिसी बेचते समय ग्राहक को दी गई गलत जानकारी होता है.

गलत जानकारी देकर पॉलिसी बेचते हैं एजेंट

पॉलिसी बेचते समय कंपनी के एजेंट ग्राहकों से पॉलिसी को लेकर कई लुभावने वादे करते हैं. ग्राहकों को कुछ ऐसे लाभ के बारे में भी बताया जाता है जिनका वास्तविकता से कोई सरोकार नहीं होता, यानी बीमा कंपनी की तरफ से वो लाभ नहीं दिया जाता जबकि एजेंट पॉलिसी बेचने के लिए ग्राहकों से झूठे वादे कर देते हैं और जब क्लेम लेने की बारी आती है तो इन्हीं झूठे वादों को लेकर कंपनी और पॉलिसी होल्डर के बीच विवाद हो जाता है.

अब गलत जानकारी देकर पॉलिसी नहीं बेच पाएंगे एजेंट

लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. अब कोई भी एजेंट अपने ग्राहकों को झूठ बोलकर पॉलिसी नहीं बेच पाएगा. दरअसल उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने इस तरह की दिक्कतों को दूर करने केलिए वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर कुछ सुझाव दिये हैं.

पॉलिसी बेचते रखना होगा य ऑडियो-विजुअल रिकॉर्ड

अगर ये सुझाव लागू होते हैं तो इंश्योरेंस एजेंट को किसी प्लान की जानकारी देते समय ऑडियो-विजुअल रिकॉर्ड रखना होगा. एजेंट को अपने ग्राहक को पॉलिसी से संबंधित पूरी जानकारी देनी होगी. अगर ऐसा होता है तो मिस सेलिंग की घटनाओं पर रोक लगाई जा सकेगी.

दरअसल पिछले कुछ समय में गलत जानकारी देकर पॉलिसी बेचने के मामले बढ़े हैं, जिससे कंज्यूमर फोरम में मामले बढ़ते गए. अब इन मामलों में कमी लाने के लिए नया नियम जल्द ही आ सकता है.

नये नियम में क्या होगा
नए नियम के मुताबिक, पॉलिसी बेचते समय एजेंट को पॉलिसी के नियम व शर्तों को पढ़कर सुनाना होगा. इस दौरान ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग भी होनी चाहिए. पॉलिसी की सभी जानकारी आसान भाषा में ग्राहक को देनी होंगी.

IRDAI लेगा आखिरी फैसला

बीमा सेक्टर से संबंधित नियमों को तय करने वाली संस्था इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया  (IRDAI) को अब इन सुझावों पर आखिरी फैसला लेना है.