नई दिल्ली: विदेश में उच्च शिक्षा का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए हाल ही में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. एक युवक मास्टर्स डिग्री करने अमेरिका गया, लेकिन भारी एजुकेशन लोन के बोझ और जॉब न मिलने के कारण उसे खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है. उसने Reddit पर अपनी आपबीती शेयर की, जिसने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा छेड़ दी है.
यह मामला उन हजारों छात्रों के लिए चेतावनी बन गया है जो विदेश पढ़ने के लिए भारी कर्ज ले रहे हैं. सपने बड़े होते हैं, लेकिन हकीकत अक्सर कठिन निकलती है.अगर आप भी एजुकेशन लोन लेकर विदेश जाना चाहते हैं तो कुछ गलतियां कभी न करें, वरना यह छात्र जैसी स्थिति बन सकती है.
छात्र ने Reddit पर बताया कि वह दो साल पहले मास्टर्स करने अमेरिका पहुंचा था. लेकिन करीब एक साल से फुल-टाइम जॉब की तलाश में है. फिलहाल वह कॉन्ट्रैक्ट जॉब कर रहा है, जिससे सिर्फ बुनियादी खर्चे निकल पाते हैं. लोन चुकाने और बचत करने की कोई गुंजाइश नहीं बची है.
छात्र की Optional Practical Training (OPT) की अवधि मई 2026 में खत्म हो रही है. इसे बढ़ाने का विकल्प है, लेकिन वह भरोसा नहीं कर पा रहा कि आगे सर्वाइव कर पाएगा. बढ़ती परेशानी और लोन के दबाव को देखते हुए उसने भारत लौटने का फैसला कर लिया है.
पोस्ट शेयर होने के बाद Reddit यूजर्स में हलचल मच गई. कुछ लोग उसे अमेरिका में ही रहकर कोशिश जारी रखने की सलाह दे रहे हैं, तो कुछ बाजार की खराब स्थिति देखते हुए भारत वापस आने की सिफारिश कर रहे हैं. यह चर्चा छात्रों की वर्तमान चुनौतियों को उजागर कर रही है.
विदेश पढ़ाई के लिए लोन लेने से पहले अच्छी तरह प्लानिंग करें. पढ़ाई खत्म होते ही जॉब सर्च शुरू कर दें.लोन चुकाने का समय सीमित होता है. अगर विदेश में जॉब न मिले तो भारत आकर भी जॉब करके लोन चुका सकते हैं. बिना सोचे-समझे भारी लोन न लें.
एजुकेशन लोन लेने से पहले करियर प्रॉस्पेक्ट्स, जॉब मार्केट और अपनी क्षमता का आकलन जरूर करें. कई छात्र लोन के चंगुल में फंसकर मानसिक तनाव झेल रहे हैं. सही प्लानिंग और रियलिस्टिक एक्सपेक्टेशन से ही विदेश पढ़ाई का सपना साकार हो सकता है.