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RBI ने दी राहत, HDFC से PNB समेत 6 बड़े बैंकों से मिलेगा सबसे सस्ता लोन, यहां चेक करें डिटेल

दिसंबर की मौद्रिक नीति में RBI द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती के बाद HDFC, PNB समेत छह बड़े बैंकों ने होम लोन की ब्याज दरें घटा दी हैं.

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Reepu Kumari

नई दिल्ली: घर खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए दिसंबर का महीना बड़ी राहत लेकर आया है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के ताजा फैसले के बाद होम लोन सस्ते होने लगे हैं. बैंकों ने अपने लेंडिंग रेट घटाकर ग्राहकों को सीधा फायदा देना शुरू कर दिया है.

रेपो रेट में कटौती से लोन की लागत कम हुई है. EMI में राहत और बेहतर ऑफर के कारण रियल एस्टेट बाजार में भी हलचल बढ़ती दिख रही है. नए खरीदारों के लिए यह समय अनुकूल माना जा रहा है.

रेपो रेट कटौती का सीधा असर

RBI ने दिसंबर की पॉलिसी में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत कर दिया है. फरवरी 2025 से अब तक चार बार कटौती हो चुकी है. रेपो रेट घटने से बैंकों की लेंडिंग कॉस्ट कम होती है, जिसका असर सीधे होम लोन और अन्य रिटेल लोन पर पड़ता है. RBI पहले ही बैंकों को यह संकेत दे चुका है कि रेट कट का लाभ ग्राहकों तक पहुंचना चाहिए.

EMI में कितनी राहत मिल रही है

ब्याज दरों में कमी का असर EMI पर साफ दिख रहा है. अगर किसी ग्राहक का 50 लाख रुपये का होम लोन 20 साल के लिए चल रहा है, तो ब्याज 8.5 प्रतिशत से घटकर 7.25 प्रतिशत होने पर हर महीने करीब 3900 रुपये तक की बचत हो रही है. इससे कुल लोन लागत भी काफी कम हो जाती है.

HDFC और PNB का नया अपडेट

HDFC बैंक ने MCLR में 5 बेसिस प्वाइंट तक की कटौती की है, जिससे MCLR आधारित लोन सस्ते हुए हैं. वहीं पंजाब नेशनल बैंक ने अपना RLLR 8.35 प्रतिशत से घटाकर 8.10 प्रतिशत कर दिया है. यह नया रेट 6 दिसंबर 2025 से लागू हो चुका है और ग्राहकों को सीधा फायदा दे रहा है.

अन्य बैंकों के बदले रेट्स

बैंक ऑफ बड़ौदा ने BRLLR को 7.90 प्रतिशत कर दिया है. इंडियन बैंक ने RLLR घटाकर 7.95 प्रतिशत किया है. बैंक ऑफ इंडिया ने RBLR में कटौती की है. बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने 7.10 प्रतिशत की दर के साथ फिलहाल सबसे सस्ता होम लोन ऑफर किया है.

पुराने और नए ग्राहकों के लिए क्या मायने

नए ग्राहकों को कम ब्याज दरों का फायदा तुरंत मिलता है. पुराने ग्राहकों को यह राहत उनकी अगली रीसेट डेट पर मिलेगी. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में और बैंक भी रेट घटा सकते हैं. ऐसे में 2026 की ओर बढ़ते हुए घर खरीदना पहले से ज्यादा आसान होता दिख रहा है.