T20 World Cup 2026

भारत में 'AADHAAR' तो पाकिस्तान में चलता है ये दमदार कार्ड, जानें दोनों में सबसे ज्यादा पावरफुल पहचान पत्र

भारत की तरह पाकिस्तान सरकार ने भी अपने नागरिकों की पहचान के लिए पहचान पत्र बनाए हैं. जैसे भारत में आधार कार्ड होता है, वैसे ही पाकिस्तान में NADRA कार्ड इस्तेमाल होता है.

Pinterest
Princy Sharma

Pakistan NADRA Card: भारत में आधार कार्ड हर नागरिक के लिए एक अहम दस्तावेज है. यह केवल पहचान प्रमाण नहीं है, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए भी जरूरी है. बिना आधार कार्ड के कई जरूरी काम भी नहीं हो सकते. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पाकिस्तान में भी एक ऐसा ही दस्तावेज है? जी हां, पाकिस्तान में भी नागरिकों की पहचान के लिए एक खास कार्ड है. चलिए जानते हैं पाकिस्तान के महत्वपूर्ण पहचान पत्र के बारे में.

भारत में आधार कार्ड की तरह पाकिस्तान में NADRA कार्डहोता है. NADRA का पूरा नाम है नेशनल डाटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी. यह कार्ड पाकिस्तान के नागरिकों की पहचान के लिए जरूरी है. इस कार्ड में नागरिक की पूरी जानकारी एक क्लिक में मिल जाती है, ठीक वैसे ही जैसे भारत के आधार कार्ड में होती है.

पाकिस्तान का NADRA कार्ड कैसा होता है?

पाकिस्तान का राष्ट्रीय पहचान पत्र या CNIC (कंप्यूटराइज्ड नेशनल आइडेंटिटी कार्ड) भी भारत के आधार कार्ड जैसा ही है. जैसे भारत में आधार कार्ड में 12 अंकों का नंबर होता है, वैसे ही पाकिस्तान के कार्ड में 13 अंकों का नंबर होता है. इस कार्ड में नागरिक की तस्वीर और बायोमेट्रिक जानकारी भी होती है, जैसे फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन.

क्या है अंतर?

पाकिस्तान में NADRA कार्ड बनाने के लिए नागरिक की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए, जबकि भारत में 5 साल से छोटे बच्चों का भी आधार कार्ड बनवाया जा सकता है.. 

भारत का आधार कार्ड है ज्यादा एडवांस

भारत का आधार कार्ड इतना एडवांस है कि एक क्लिक पर नागरिक की पूरी जानकारी प्राप्त की जा सकती है. जैसे बैंक अकाउंट की जानकारी, पैन कार्ड और किसी सरकारी योजना का लाभ लिया है या नहीं, ये सब जानकारी आधार कार्ड से मिल जाती है. भारत सरकार ने इसे बहुत जरूरी बना दिया है. अगर आपको बैंक में खाता खोलवाना हो, कॉलेज में एडमिशन लेना हो या किसी और जरूरी काम के लिए आवेदन करना हो, तो आधार कार्ड अनिवार्य है.