Kedarnath Dham: आज का दिन महादेव के भक्तों के लिए बेहद खास और शुभ साबित हुआ है. लंबे इंतजार और श्रद्धा के साथ टकटकी लगाए बैठे भक्तों के लिए खुशखबरी यह है कि केदारनाथ धाम के कपाट आज, शुक्रवार 2 मई को शुभ मुहूर्त में प्रातः 7 बजे विधिवत रूप से खोल दिए गए. हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी और हर हर महादेव के जयघोष के बीच बाबा केदार के कपाट खुले और चारों ओर भक्ति का माहौल उमड़ पड़ा. अगले छह महीने तक अब आम भक्त भी निर्बाध रूप से बाबा के दर्शन कर सकेंगे.
उत्तराखंड के चार धामों में से केदारनाथ धाम का तीसरा स्थान है और यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महत्वपूर्ण ज्योतिर्लिंग भी है. मान्यता है कि यहां के दर्शन से व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है. केदारनाथ आने वाले भक्तों को पहले भैरवनाथ के दर्शन करना जरूरी माना गया है, क्योंकि उनके दर्शन के बिना बाबा केदार की पूजा अधूरी मानी जाती है.
इस पवित्र स्थल की एक खास बात यह है कि यहां स्वयं महादेव लिंग रूप में विराजमान हैं. यह शिवलिंग स्वयंभू माना जाता है और अत्यंत शक्तिशाली है. जब नवंबर माह में मंदिर के कपाट बंद किए जाते हैं, तो वहां एक दीपक जलाया जाता है और यह अद्भुत चमत्कार है कि 6 महीने बाद जब कपाट फिर से खोले जाते हैं, वह दीपक आज भी जलता हुआ मिलता है.
#WATCH | Uttarakhand: The portals of the Shri Kedarnath Dham were opened for the devotees today at 7 am
— ANI (@ANI) May 2, 2025
Uttarakhand Chief Minister Pushkar Singh Dhami arrived at the temple premises on this occasion and welcomed the devotees. pic.twitter.com/fxndJk3Lmw
केदारनाथ केवल एक धार्मिक स्थान ही नहीं बल्कि नेचुरल ब्यूटी और ऐतिहासिक महत्व से भी भरपूर है. यहां केदारनाथ बाबा के दर्शन के अलावा गांधी सरोवर झील, सोनप्रयाग, गौरीकुंड मंदिर, वासुकी ताल, आदि शंकराचार्य की समाधि, रुद्र गुफा, चुरावारी ग्लेशियर और मंदाकिनी नदी के तट पर स्थित गर्म पानी के झरने जैसे जगहों पर घूम सकते हैं.
बाबा को प्रसन्न करने के लिए भक्त उन्हें प्रिय भोग अर्पित करते हैं. महादेव को भांग, धतूरा, दूध और जल अत्यंत प्रिय हैं. यदि आप केदारनाथ यात्रा पर हैं, तो बाबा को यह भोग अर्पित कर अपने जीवन में सुख, शांति और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं.