अंकिता भंडारी हत्याकांड में ‘गट्टू’ की एंट्री से बढ़ा सियासी भूचाल, वीवीआईपी मामले में आया पहला इस्तीफा
साल 2022 में हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर से चर्चा में आ गया है. जब यह घटना घटी थी तब इसके पीछे कई राजनीतिक साजिश सामने आई थी. कांग्रेस ने उत्तराखंड के इस मामल को लेकर मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी और प्रदेश सरकार को आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है.
नई दिल्ली: साल 2022 में हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर से चर्चा में आ गया है. जब यह घटना घटी थी तब इसके पीछे कई राजनीतिक साजिश सामने आई थी. अब फिर से ये कांड चर्चा में आ चुका है. दरअसल कांग्रेस ने उत्तराखंड के इस मामल को लेकर मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी और प्रदेश सरकार को आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है.
भाजपा विधायक सुरेश राठोर की पत्नी होने का दावा करने वाली महिला उर्मिला सनावर ने इस मामले में वीडियो जारी कर मामले को और हवा दी है. उन्होंने इसका हवाला देते हुए कहा कि अब इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आ गई है. उन्होंने केस में एक वीवीआईपी का भी जिक्र किया है.
भाजपा नेत्री ने दिया पार्टी सदस्यता से इस्तीफा
इस मामले में उर्मिला सनावर ने किसी गट्टू की चर्चा की थी . अब यह चर्चा तूल पकड़ चुका है. अब इस मामले को भाजपा नेता आरती गौड़ ने पार्टी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है.
बता दें पौड़ी के यमकेश्वर ब्लॉक के उमरौली से जिला पंचायत की स9स्य रहीं आरती गौड़ ने मंगलवार को भाजपा की सदस्यता से त्याग पत्र दे दिया है. इस त्याग पत्र में उन्होंने उनपर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच और अंकिता हत्या कांड की सीबीआई जांच की मांग की है. साथ ही उन्होंने खुद पर लगाए सभी आरोंपो को गलत और बेबुनियाद बताया है. इसके अलावा उन्होंने एक वीडियो बनाया है जिसमें उन्होंने सनावर पर पलट वार किया है.
क्या गट्टू का मामले से संबंध
अंकिता हत्याकांड को लेकर कांग्रेस ने एक वीडियो का हवाला देते हुए राज्य सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. पार्टी ने मामले में गठित एसआईटी की जांच पर भी संदेह जताया है. क्रांगेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने अपनी प्रेस वार्ता में राज्य सरकार पर लगाया है.
उन्होंने वीडियो चलाकर भाजपा पर निशाना साधा है. वीडियो में महिला दावा कररही हैं कि अंकिता के हत्या के समय वहां गट्टू नाम का व्यक्ति मौजूद था. महिला उसे वही वीआईपी बता रही थी, जिसका वह अपने वीडियो में बार बाक जिक्र कर रही थी.
क्या था पूरा मामला
गौरतलब है कि अंकिता भंडारी पौड़ी जिले के एक रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं. 18 सितंबर 2022 को उनकी कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी. इस मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने उस समय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था.
अदालत ने इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, जो एक भाजपा नेता के बेटे हैं, और दो अन्य आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसके बावजूद कांग्रेस इस मामले में सीबीआई जांच की मांग पर अड़ी हुई है और सरकार पर लगातार सवाल उठा रही है.
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