IPL 2026 West Bengal Assembly Election 2026 Assembly Election 2026

UP News: 'स्कूल के पास से शराब की दुकान हटवा दीजिए', जनहित याचिका लेकर हाई कोर्ट पहुंचा 5 साल का बच्चा

UP News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से हैरान करने वाली एक खबर आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 5 साल के एक बच्चे ने न्याय की मांग को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. आइए, जानते हैं पूरा मामला क्या है.

India Daily Live

UP News: उत्तर प्रदेश के 5 साल के बच्चे ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है. बच्चे की याचिका पर हाई कोर्ट ने सुनवाई की और अगली सुनवाई के लिए 13 मार्च की तारीख दी. बच्चे की ओर से इलाहाबाद हाई कोर्ट में पीआईएल दाखिल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है. याचिका में 5 साल के बच्चे की ओर से 'न्याय' की मांग की गई है.

इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले बच्चे की पहचान कानपुर के छात्र के रूप में हुई है. बच्चे ने याचिका में बताया है कि वो कानपुर नगर के आजाद नगर स्थित एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई करता है. बच्चे की ओर से याचिका में कहा गया कि उसके स्कूल के पास ही शराब की दुकान है. स्कूल के पास शराब की दुकान के होने से अक्सर वहां लोगों की भीड़ होती है और लोग शराब पीकर हंगामा करते रहते हैं.

स्कूल के पास से शराब की दुकान हटाने की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई. बच्चे की याचिका पर जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता और जस्टिस क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने जनहित याचिका को अगली सुनवाई के लिए 13 मार्च को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया.

सरकारी वकीलों को अधिकारियों से जवाब मांगने का निर्देश

हाई कोर्ट ने शुक्रवार को राज्य सरकार के वकील से अधिकारियों से जवाब मांगने को कहा. कोर्ट ने कहा कि कानपुर नगर में शराब की दुकान के लाइसेंस का नवीनीकरण क्यों किया जा रहा है, जबकि आसपास स्कूल अस्तित्व में है. 

लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, पांच साल के बच्चे की पहचान अर्थव दीक्षित के रूप में हुई है. अथर्व आजाद नगर के सेठ एमआर जयपुरिया नाम के प्राइवेट स्कूल का छात्र है. एलकेजी के छात्र अर्थव की याचिका में कहा गया है कि उसके स्कूल से मात्र 20 मीटर की दूरी पर शराब की दुकान है.

अथर्व के परिजन के मुताबिक, उनका बच्चा हमेशा भीड़ और शराबियों के हुड़दंग के कारण स्कूल जाने से डरता है. उन्होंने कहा कि हम लोगों ने अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.