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12वीं के छात्र की हेयर स्टाइल देखकर भड़के टीचर, सभी ने मिलकर कर दी पिटाई, टूट गया हाथ, दर्ज हुई FIR

UP Bulandshahr News: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक प्रमुख स्कूल के आठ शिक्षकों पर कक्षा 12 के एक छात्र को डंडों से बुरी तरह पीटने और उसके बाल काटने को लेकर जातिवादी गालियाँ देने का मामला दर्ज किया गया है.

Gyanendra Tiwari
12वीं के छात्र की हेयर स्टाइल देखकर भड़के टीचर, सभी ने मिलकर कर दी पिटाई, टूट गया हाथ, दर्ज हुई FIR
Courtesy: Social Media

UP Bulandshahr News: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के नामी स्कूल के 8 शिक्षकों पर एक दलित छात्र को पीटने पीटने पर आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है. शिक्षकों पर आरोप हैं कि इन्होंने 12वीं के एक छात्र को उसके हेयर स्टाइल को लेकर जातिसूचक शब्द कहे पिटाई की. छात्र घर पहुंचा तो घरवालों ने देखा कि इसके शरीर पर घाव के निशान थे जांच कराने पर पता चला कि छात्र के दोनों हाथों में फ्रैक्चर निकला. 

यह घटना 25 जनवरी 2025 की बताई जा रही है. इस घटना के सामने आने के बाद स्कूल प्रशासन ने एक्शन लेते हुए शिक्षकों को तत्काल निलंबित कर दिया था. यह मामला शुक्रवार को तब प्रकाश में आया जब पीड़ित के माता-पिता ने कई बार धमकी दी जाने के बाद FIR दर्ज कराई. पीड़ित के परिवार को बार-बार मुकदमा न दर्ज कराने की धमकी दी जा रही थी. 

घरवाले बोले- FIR न करने का बना रहे थे दबाव

माता-पिता ने दावा किया कि आरोपियों ने उनके बेटे को फरवरी के अंत में शुरू होने वाली यूपी बोर्ड की परीक्षा में बैठने से रोकने की भी कोशिश की.

सरस्वति विद्या मंदिर स्कूल के प्रिंसिपल पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा, "हमारे जैसे अनुशासित स्कूल में इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. उन शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है और हम पुलिस की जांच में सहयोग करेंगे."

बेटे की मां ने बताया कि  जनवरी में, "वह घर आया और मुझे बताया कि उसे शिक्षकों ने डांटा था, और अगले दिन (25 जनवरी) उसे स्कूल में बेरहमी से डंडों से पीटा गया. मेरा बेटा एक महीने से अधिक समय तक चोटों के कारण बिस्तर पर पड़ा रहा और अपनी बोर्ड परीक्षा की तैयारी ठीक से नहीं कर सका."

बच्चे की मां ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उन्हें समझौता करने के लिए भी मजबूर किया. उन्हें धमकाया और कहा कि उनके बेटे को 12वीं की बोर्ड परीक्षा में नहीं बैठने देंगे. छात्र के मां ने बताया कि कोई अन्य विकल्प न होने पर, हमने अपनी शिकायत के साथ स्थानीय पुलिस से संपर्क किया.