IPL 2026

खूंखार तेंदुए के साथ शख्स ने किया कुत्ते के पिल्ले जैसा खिलवाड़, मुंह दबाया, गोदी में उठाया, वीडियो देखकर हवा हो जाएगी टाइट

महाराजगंज जिले के नौतनवा तहसील के लालपुर गांव में तेंदुए की गतिविधियों से ग्रामीणों में खौफ का माहौल था. वन विभाग को सूचना देने के बावजूद कोई ठोस कदम न उठाए जाने से ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ता गया.आखिरकार, गुस्साए ग्रामीणों ने खुद तेंदुए को पकड़ने की कोशिश की और कड़ी मेहनत के बाद उसे काबू में कर लिया.

X@sanjayjourno
Mayank Tiwari

Maharajganj News: उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले से अजीबोगरीब मामला सामने आया है. यहां के नौतनवा तहसील स्थित लालपुर गांव में तेंदुए की बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों में खौफ का माहौल था. वन विभाग को इस बारे में सूचना दी गई थी, लेकिन विभाग की ओर से समय पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया. आखिरकार गुस्साए ग्रामीणों ने खुद तेंदुए को पकड़ने की साहसिक कोशिश की और कड़ी मेहनत के बाद उसे काबू में कर लिया. 

दरअसल, महाराजगंज जिले के लालपुर गांव में तेंदुए की गतिविधियां दिन पर दिन लगातार बढ़ रही थीं, जिससे वहां के लोग डर के साए में जी रहे थे. इस दौरान कई बार ग्रामीणों ने वन विभाग से मदद की अपील की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण उनकी परेशानी बढ़ गई. इसके बाद, ग्रामीणों ने मिलकर तेंदुए को पकड़ने का फैसला किया. फिलहाल, इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे ग्रामीणों की बहादुरी और वन विभाग की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं.

साहसिक प्रयास से तेंदुए को काबू में किया

ग्रामीणों की कड़ी मेहनत और साहस के कारण, उन्होंने आखिरकार तेंदुए को पकड़ने में सफलता हासिल की. हालांकि, यह घटना खतरनाक भी हो सकती थी, लेकिन गांववालों ने बिना किसी डर के इस चुनौती का सामना किया और तेंदुए को सुरक्षित रूप से काबू कर लिया.

वायरल वीडियो ने खड़ा किया हंगामा

इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वीडियो में ग्रामीणों को तेंदुए को पकड़ते हुए और उसे काबू में करते हुए देखा जा सकता है. इस वीडियो ने वन विभाग की लापरवाही को उजागर किया है. जहां पर कई लोगों ने इस पर सवाल उठाए हैं कि जब वन विभाग को सूचना दी गई थी, तो समय पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई.

वन विभाग की ओर से कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलने के बाद, वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने के लिए आवश्यक कदम उठाए. हालांकि, यह घटना यह भी दिखाती है कि किस प्रकार बिना किसी बाहरी सहायता के ग्रामीण अपनी सुरक्षा के लिए खुद कदम उठाने को मजबूर हो सकते हैं.