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ग्रेटर नोएडा: मौत के कुंड से 3 दिन बाद निकली युवराज मेहता की कार, इसी की छत पर खड़े होकर मांगते रहे जान की भीख

नोएडा में एक दिल दहला देने वाली घटना ने लोगों को झकझोर दिया है. 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार घने कोहरे के कारण सड़क से फिसलकर सेक्टर-150 में एक गहरे पानी भरे निर्माण गड्ढे में गिर गई थी. यह हादसा शनिवार की सुबह यानी 17 जनवरी की शुरुआती घंटों में हुआ.

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नोएडा: नोएडा में एक दिल दहला देने वाली घटना ने लोगों को झकझोर दिया है. 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार घने कोहरे के कारण सड़क से फिसलकर सेक्टर-150 में एक गहरे पानी भरे निर्माण गड्ढे में गिर गई थी. यह हादसा शनिवार की सुबह यानी 17 जनवरी की शुरुआती घंटों में हुआ. तीन दिन बाद मंगलवार शाम को क्रेन की मदद से उनकी ग्रैंड विटारा एसयूवी को गड्ढे से बाहर निकाला गया. यह कार जांच में महत्वपूर्ण सुराग दे सकती है.

मौत के कुंड से 3 दिन बाद निकली युवराज मेहता की कार

कार को बाहर निकालते समय कई अहम बातें सामने आईं. कार का सनरूफ खुला हुआ था और सामने का विंडशील्ड टूटा हुआ मिला. बोनट खुला और कुचला हुआ था, जबकि कार का नाक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त था. इससे लगता है कि कार पहले ड्रेन की बैरियर से टकराई, फिर गड्ढे में जा गिरी. पुलिस और अधिकारियों का मानना है कि युवराज ने सनरूफ या टूटे विंडशील्ड से निकलकर बचने की कोशिश की होगी. कार पर घास-फूस जमा था, जो बताता है कि वह लंबे समय तक पानी में डूबी रही.

इसी की छत पर खड़े होकर मांगते रहे जान की भीख

यह गड्ढा करीब 20-30 फीट गहरा था और निर्माण स्थल पर खुला पड़ा था. घना कोहरा होने के कारण दृश्यता बहुत कम थी, जिससे युवराज को सड़क पर मोड़ दिखाई नहीं दिया. वह गुरुग्राम से नोएडा स्थित अपने घर लौट रहे थे और हादसा घर से महज एक किलोमीटर दूर हुआ. युवराज ने हादसे के बाद अपने पिता को फोन किया और मदद मांगी. कुछ देर तक वह कार की छत पर चढ़कर चिल्लाते रहे, लेकिन बचाव कार्य समय पर नहीं हो सका.

लापरवाही से मौत का आरोप

हादसे के बाद लोगों में भारी रोष फैला. लापरवाही के आरोप लगे कि निर्माण स्थल पर कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं था. पुलिस ने मामले में Wishtown Planners के एक मालिक अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है और दूसरे मालिक मनिश कुमार की तलाश जारी है. एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें लापरवाही से मौत का आरोप लगाया गया है. इस घटना के बाद नोएडा अथॉरिटी के सीईओ लोकेश एम को उनके पद से हटा दिया गया.