'तलाक दे देता तो नहीं जाती मेरे लाल की जान...', पिता का छलका दर्द; प्रेम संबंध छिपाने के लिए प्रेमी से कराई बेटे की हत्या
मेरठ के बहसूमा में छह वर्षीय अंगदवीर की हत्या के मामले में पिता गुरसेवक ने गहरा दुख जताया है. पुलिस के अनुसार मामले में आरोपी और बच्चे की मां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला.
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के बहसूमा क्षेत्र में छह वर्षीय मासूम अंगदवीर की हत्या के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. इस दर्दनाक घटना के बाद सऊदी अरब से गांव लौटे पिता गुरसेवक ने अपना दुख बयां करते हुए कहा कि अगर वह पत्नी को तलाक दे देते तो शायद उनके बेटे की जान बच जाती. बेटे की मौत से टूट चुके पिता ने कहा कि उन्होंने परिवार और बेटे के बेहतर भविष्य के लिए विदेश में रहकर मेहनत की, लेकिन बदले में उन्हें ऐसा दर्द मिला जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती.
गुरसेवक ने बताया कि वह सऊदी अरब में ट्रक चालक के रूप में काम करते हैं. उनका उद्देश्य अधिक कमाई करके बेटे अंगदवीर को अच्छी शिक्षा दिलाना और परिवार की जरूरतों को पूरा करना था. उन्होंने कहा कि पत्नी गुरप्रीत कौर तलाक चाहती थी, लेकिन उन्होंने बेटे की परवरिश और देखभाल को देखते हुए यह कदम नहीं उठाया. उन्हें विश्वास था कि मां अपने बेटे का ध्यान रखेगी. अब बेटे की हत्या के बाद वह खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं.
पुलिस अधिकारियों ने क्या बताया?
मामले के खुलासे के बाद ग्रामीणों में भी गहरा आक्रोश है. पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद गांव में पोस्टर लगाकर पुलिस का आभार व्यक्त किया गया. ग्रामीणों ने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा, यहां तक कि फांसी देने की मांग की है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है और जल्द ही आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया जाएगा.
पुलिस जांच के अनुसार, एचडीएफसी बैंक के एरिया मैनेजर अर्पित पाराशर पर आरोप है कि उसने प्रेम संबंध का राज खुलने के डर से अपनी प्रेमिका गुरप्रीत कौर के छह वर्षीय बेटे अंगदवीर की हत्या कर दी. आरोप है कि उसने बच्चे का अपहरण कर चाकू से गला रेतकर हत्या की और शव को झाड़ियों में फेंक दिया.
सीसीटीवी फुटेज में क्या दिया दिखाई?
यह घटना मंगलवार को सामने आई जब अंगदवीर को उसके घर के बाहर से कार में ले जाया गया. सीसीटीवी फुटेज में आरोपी बच्चे को अपने साथ ले जाता दिखाई दिया. पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बच्चा उसे और उसकी मां को साथ देख चुका था. उसे डर था कि बच्चा उनके संबंधों के बारे में परिवार को बता देगा. इसी आशंका में उसने इस वारदात को अंजाम दिया.
गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने पुलिस को कई घंटे तक गुमराह किया और पहले दावा किया कि उसने बच्चे को नहर में फेंक दिया है. बाद में उसने हत्या की बात स्वीकार करते हुए पुलिस को शव बरामद कराने में मदद की. पुलिस ने आरोपी और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच पूरी कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है.