IPL 2026 West Bengal Assembly Election 2026 Assembly Election 2026

CM योगी के 'पप्पू-टप्पू-अप्पू' वाले तंज पर अखिलेश दी प्रतिक्रिया, जानें पलटवार में क्या कसा तंज?

बिहार चुनाव को लेकर राजनेताओं के बीच चल रहे जुबानी जंग के क्रम में अखिलेश यादव और सीएम योगी आमने-सामने आ गए हैं. बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान सीएम योगी के तंज पर अब अखिलेश यादव ने पलटवार किया है.

X
Kanhaiya Kumar Jha

पटना: बिहार के चुनावी संग्राम में जुबानी जंग तेज हो गई है. सोमवार को दरभंगा में आयोजित एक जनसभा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महागठबंधन (INDIA ब्लॉक) पर करारा प्रहार किया. योगी ने महात्मा गांधी के तीन बंदरों का जिक्र करते हुए विपक्षी गठबंधन के नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि अब तीन नए बंदर सामने आ गए हैं, पप्पू, टप्पू और अप्पू.

 

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गांधी जी ने तीन बंदरों को उपदेश दिया था, बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो और बुरा मत बोलो. लेकिन आज इंडी गठबंधन के तीन और बंदर आ गए हैं पप्पू, टप्पू और अप्पू. एक सच नहीं बोल सकता, दूसरा सही को देख नहीं सकता और तीसरा सच नहीं सुन सकता.

योगी का RJD पर करारा वार

सीएम योगी ने आगे कहा कि ये नेता परिवारवाद और माफिया तंत्र को बढ़ावा दे रहे हैं और बिहार की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने RJD पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इस पार्टी ने राज्य को जातिवाद, भ्रष्टाचार और अपराध की राजनीति में धकेल दिया. योगी ने कहा कि ये वही लोग हैं जिन्होंने बिहार को बंदूक और पिस्तौल की संस्कृति दी और घुसपैठियों को आमंत्रित कर राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर किया.

अखिलेश यादव ने किया पलटवार

इस बयान के कुछ ही घंटे बाद समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ पर पलटवार किया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने लिखा कि जो लोग आईना देखकर आते हैं, उन्हें हर तरफ बंदर नजर आते हैं. बंदर की टोली में बैठा दिया जाए, तो अलग नजर भी नहीं आते हैं.

सपा प्रमुख ने सिवान की जनसभा में बीजेपी पर किया वार

सिवान में एक जनसभा में अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भी सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि हमें बिहार को ‘गप्पू’ और ‘चप्पू’ से बचाना है. NDA बिहार को गिरवी रखना चाहता है. वे घबराए हुए हैं क्योंकि तेजस्वी यादव के रोजगार और महिलाओं को ₹2500 सम्मान राशि देने के वादे से वे चिंतित हैं.

सपा प्रमुख ने भाजपा के पुराने वादों पर तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी गप्पू का मामला है. उन्होंने 15 लाख रुपये देने, चांद पर जमीन बेचने और करोड़ों नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन सब जुमले साबित हुए.

अखिलेश ने कहा कि भाजपा अमेरिका से डरकर नई रणनीतियां अपना रही है ताकि अपनी चुनावी विफलताओं से ध्यान हटाया जा सके. उन्होंने दावा किया कि इस बार बिहार की जनता गप्पू-चप्पू की राजनीति नहीं, बल्कि समरसता और विकास को चुनेगी. 

बिहार में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, एनडीए और इंडिया ब्लॉक के बीच यह तीखी बयानबाजी राजनीतिक तापमान को और बढ़ा रही है. सभी दल एक दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिशों में जुटे हैं और लोकलुभावन वादे किए जा रहे हैं.