बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली से एक विवादित मामला सामने आया है, जहां एक हिंदू छात्रा के जन्मदिन समारोह में शामिल होने पर दो मुस्लिम युवकों के खिलाफ शांति भंग करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया. यह कार्रवाई तब हुई जब बजरंग दल के कुछ सदस्य एक कैफे में चल रहे जन्मदिन समारोह में घुस गए और वहां हंगामा किया. आरोप लगाया गया कि यह मामला लव जिहाद से जुड़ा है, हालांकि पुलिस जांच में इस दावे को खारिज कर दिया गया.
पुलिस के अनुसार, संबंधित छात्रा नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है. उसने अपने जन्मदिन के मौके पर कैफे में छोटे स्तर का कार्यक्रम रखा था. इस समारोह में उसकी सहेलियों सहित कुल छह लड़कियां और चार लड़के शामिल थे, जो सभी उसके सहपाठी थे. कार्यक्रम सामान्य रूप से चल रहा था, तभी बजरंग दल के कुछ सदस्य वहां पहुंचे और मुस्लिम युवकों की मौजूदगी पर आपत्ति जताई.
Two Muslim boys were briefly detained and booked for “breach of peace” after attending birthday party of a Hindu nursing student.
— Krishna Chaudhary (@KrishnaTOI) December 28, 2025
The action was taken after Bajrang Dal members barged into a cafe in Bareilly, claiming love jihad. A cafe staffer also fined. The police found these… pic.twitter.com/wQdLtJpCiB
आरोप है कि बजरंग दल के सदस्यों ने मुस्लिम युवकों पर लव जिहाद का आरोप लगाया और एक युवक के साथ मारपीट की. जब छात्रा ने बीच बचाव करने की कोशिश की तो उसके साथ भी धक्का मुक्की की गई. मौके से सामने आए कुछ वीडियो में पुलिस को छात्रा को काबू में करते हुए देखा जा सकता है, जब वह वहां से ले जाए जाने का विरोध कर रही थी.
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस ने पूरे मामले की जांच की और पाया कि छात्रों की ओर से कोई गलत गतिविधि नहीं हुई थी. पुलिस ने साफ किया कि इस घटना का लव जिहाद से कोई संबंध नहीं है. इसके बावजूद पुलिस ने दो मुस्लिम युवकों और कैफे के एक कर्मचारी के खिलाफ शांति भंग करने के आरोप में कार्रवाई की.
वहीं, कार्यक्रम में बाधा डालने वाले बजरंग दल के सदस्यों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया. पुलिस ने उन्हें मौके से हटने की सलाह दी और मामला शांत कराया. इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं. कई लोग इसे भेदभावपूर्ण कार्रवाई मान रहे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया.