Syed Shaqeel Baba Fair: 75 साल की परंपरा टूटी! बाराबंकी में नहीं लगेगा शकील बाबा का मेला, प्रशासन ने जताई हिंसा की आशंका

Syed Shaqeel Baba Fair: पिछले साल इस आयोजन के दौरान दो समूहों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद कानून-व्यवस्था की चिंताओं का हवाला देते हुए अधिकारियों ने यह निर्णय लिया है.

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Anvi Shukla

Syed Shaqeel Baba Fair: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सूरजगंज स्थित फूलपुर गांव में हर साल 10 जून से आयोजित होने वाला चार दिवसीय सैयद शकील बाबा का मेला इस बार आयोजित नहीं होगा. पिछले 75 सालों से यह मेला हर साल बड़े धूमधाम से आयोजित होता आ रहा है, जिसमें हजारों लोग शामिल होते हैं.

अधिकारियों के मुताबिक, वर्ष 2023 में इस आयोजन के दौरान दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी. यह झगड़ा दुकानदारी को लेकर स्थानीय दुकानदारों और आम नागरिकों के बीच हुआ था. इसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की थी. इसी पृष्ठभूमि में इस वर्ष प्रशासन ने आयोजन की अनुमति नहीं दी.

पुलिस और प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर निर्णय

अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि 'पिछले साल की घटना को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष उर्स के आयोजन की अनुमति नहीं दी गई है.' पुलिस ने इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को सौंपी थी, जिसमें आयोजन पर रोक की सिफारिश की गई थी. इसी रिपोर्ट के आधार पर उपजिलाधिकारी विवेकशील ने औपचारिक रूप से आयोजन समिति को अनुमति देने से मना कर दिया.

भीड़ से खतरे की आशंका

सैयद शकील बाबा का यह मेला और उर्स हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है. लेकिन इस बार भीड़ और टकराव की आशंका को देखते हुए एहतियातन यह कदम उठाया गया है. प्रशासन नहीं चाहता कि कोई भी अप्रिय स्थिति दोहराई जाए.

पहले भी लग चुकी है ऐसी रोक

यह पहली बार नहीं है जब ऐसे धार्मिक आयोजनों पर रोक लगी हो. इससे पहले बाराबंकी के ही सतरिख में सैयद सालार साहू गाजी के उर्स को भी रोका गया था. वहीं बहराइच और सांभल जिलों में भी सालार गाजी के मेलों पर रोक लगाई जा चुकी है, जहां सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई थी.