बाराबंकी में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट से 2 की मौत, उड़े चीथड़े, आसपास की दीवारों तक असर
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक अवैध फैक्ट्री में भीषण ब्लास्ट हो गया, जिसमें दो लोगों के चीथड़े उड़ गए. धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास की घरों की दीवारें तक हिल गई. इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है.
बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ. टिकैतनगर थाना क्षेत्र के सराय बरई गांव में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक भयंकर विस्फोट हो गया. धमाका इतना तेज था कि पूरा इलाका दहल उठा और आसपास के घरों की दीवारें तक हिल गई. ग्रामीणों के मुताबिक, धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी.
इस हादसे में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. विस्फोट इतना जोरदार था कि मृतकों के शरीर के टुकड़े दूर तक बिखर गए. घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप और अफरातफरी मच गई. लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागने लगे. आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी.
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
सूचना मिलते ही टिकैतनगर पुलिस, दमकल की गाड़ियां और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे. आग पर काबू पाने की कोशिशें की गईं और घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत गंभीर है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
ग्रामीणों ने बताया कि मुख्य धमाके के बाद भी कई छोटे-छोटे विस्फोटों की आवाजें सुनाई देती रहीं. इससे अंदेशा जताया जा रहा है कि वहां अवैध रूप से बारूद या आतिशबाजी सामग्री रखी गई थी. पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेरकर फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया है.
इलाके में दहशत का माहौल
घटना के बाद इलाके के लोग डरे-सहमे नजर आ रहे हैं. मौके पर जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं.
पुलिस ने बताया कि फिलहाल विस्फोट के असली कारणों की जांच की जा रही है. फैक्ट्री के मालिक और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि परिसर में बारूद या विस्फोटक सामग्री का अवैध भंडारण तो नहीं किया गया था.
आवासीय इलाकों में अवैध गतिविधियों पर सवाल
प्रशासन ने कहा है कि हादसे में लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है, और अधिकारियों ने लोगों से अफवाहें न फैलाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है. यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि आवासीय इलाकों में चल रही अवैध पटाखा फैक्ट्रियों पर निगरानी क्यों नहीं रखी जा रही.
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