दिल्ली में 'मौत के गड्ढे' ने ली एक और जान, रोहिणी में मेनहोल में गिरकर युवक की मौत
दिल्ली में एक और युवक की गड्ढे में गिरकर मौत हो गई. रोहिणी के सेक्टर-32 स्थित बेगमपुर इलाके में महाशक्ति काली मंदिर के पास खुले नाले में गिरने से 30 वर्षीय युवक की जान चली गई.
नई दिल्लीः दिल्ली में एक और युवक की गड्ढे में गिरकर मौत हो गई. रोहिणी के सेक्टर-32 स्थित बेगमपुर इलाके में महाशक्ति काली मंदिर के पास खुले नाले में गिरने से 30 वर्षीय युवक की जान चली गई. खुले सीवर और गड्ढों का खतरा एक बार फिर जानलेवा साबित होता दिखाई दिया है. मरने वाले की पहचान बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले बिरजू कुमार के तौर पर हुई है, जो दिल्ली में मजदूरी करता था. इससे चार दिन पहले एक और युवक की गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी.
ऐसी हुई घटना
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना मंगलवार शाम को हुई. शाम करीब 7:45 बजे दिल्ली फायर सर्विस को सूचना मिली कि एक आदमी खुले नाले में गिर गया है. तुरंत फायर ब्रिगेड और दिल्ली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. काफी देर तक तलाश करने के बाद बिरजू कुमार को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी.
पुलिस का बयान
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना के समय बिरजू अपने एक दोस्त के साथ था. पूछताछ में दोस्त ने बताया कि वे दिन भर शराब पी रहे थे और नशे में साथ घूम रहे थे. घटना के दौरान बिरजू का बैलेंस बिगड़ गया और वह नाले में गिर गया, उसे पता भी नहीं चला. बाद में जब उसे होश आया तो पता चला कि बिरजू एक नाले में गिर गया है, जिसके बाद पुलिस को बताया गया.
शुरुआती जांच में पता चला है कि जिस सीवर में बिरजू गिरा था, वह DDA की जमीन पर बना था. पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है. यह भी पता लगा रही है कि किसकी लापरवाही से नाला या सीवर खुला रह गया.
जनकपुरी में भी युवक की जान गई थी
गौरतलब है कि चार दिन पहले ही, 6 फरवरी को जनकपुरी इलाके में 25 साल के मोटरसाइकिल सवार कमल ध्यानी की 15 फुट गहरे गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी. ऐसी घटनाओं के लगातार होने से दिल्ली में खुले गड्ढों और सीवर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तुरंत खुले नालों और मैनहोल को ढकने और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की है.
नोएडा में भी हुआ था हादसा
जनवरी 2026 में भी 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई थी. घने कोहरे की वजह से नोएडा के सेक्टर 150 के पास उनकी कार 50-70 ft गहरे पानी से भरे बिना सुरक्षा वाले गड्ढे में गिर गई. उन्होंने मदद के लिए अपने पिता को बुलाया, लेकिन देर से बचाव के बाद उनकी मौत हो गई. इस घटना से लोगों का गुस्सा फूट गया था. नोएडा अथॉरिटी के सीएओ को उनके पद से हटाया भी गया, लेकिन इस मामले के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था.
जल बोर्ड की लापरवाही
पूर्वी दिल्ली के वेस्ट विनोद नगर में भी एक हादसा हुआ था. यहां पानी की पाइपलाइन की मरम्मत के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरने से 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं. उन्हें इलाज के लिए पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई. महिला ने रोते हुए कहा की किस्मत अच्छी थी वरना मेरा हाल भी जान गंवाने वाले और लोगों जैसा होता.
दिल्ली-एनसीआर में तीन हादसे
दिल्ली एनसीआर वैसे अपने हाइटेक चीजों के लिए जाना जाता है, लेकिन बीते दिनों यहां मौत के गड्ढे लोगों की जान ले रहे हैं. कभी नोएडा में टेकी की मौत, फिर दिल्ली के जनकपुरी इलाके में बाइक सवार की मौत, फिर आज एक और मौत. लगातार लापरवाही ने तीन जान ले ली, लेकिन इसके बाद भी पुलिस या प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है. लोग रोज सड़कों से गुजरतें हैं, करोड़ों का टैक्स भरते हैं इसलिए ताकि गड्ढे में गिरकर एक दिन उनकी मौत हो जाए. तीन मौतों के बाद भी सरकार का रूख काफी नर्म दिख रहा है.
तीन बड़े नाम, तीन बड़े काम
पहली मौत नोएडा में हुई, जहां नोएडा ऑथोरिटी पर गंभीर सवाल उठे. सीएओ को उनके पद से हटाया गया, लेकिन उसके बाद सन्नाटा. दूसरी मौत जनकपुरी इलाके में हुई, जहां बाइक सवार युवक की गड्ढे में गिरने से जान चली गई. उसकी मौत का कारण बिना उचित बैरिकेडिंग के 20 फुट गहरा गड्ढा बना था. इसमें दिल्ली जल बोर्ड पर पूरी तरह लापरवाही और पुलिस पर सीसीटीवी फुटेज सहित महत्वपूर्ण सबूत एकत्र करने में देरी का आरोप था. अब तीसरे युवक की मौत DDA की जमीन पर हुई है. सोचने वाली बात है कि इतने बड़े नाम कैसे इतनी बढ़ी लापरवाही कर सकते हैं.