West Bengal Assembly Election 2026 Assembly Election 2026

'अंडर द टेबल लेते हैं पैसे...,' अखिलेश यादव का कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री पर बड़ा आरोप!

अखिलेश यादव ने एक वीडियो में कहा कि कई कथावाचक 50 लाख रुपये तक लेते हैं और धीरेंद्र शास्त्री भी मुफ्त में कथा नहीं करते. यह बयान उस वक्त आया जब इटावा में यादव समुदाय के दो कथावाचकों के कथित अपमान को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और ‘अहीर रेजीमेंट’ संगठन ने विरोध प्रदर्शन किया.

web
Kuldeep Sharma

उत्तर प्रदेश के इटावा में कथा वाचक के साथ हुए अपमान के मामले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. इसी बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि धीरेंद्र शास्त्री कथावाचन के लिए बुलाए जाने पर 'टेबल के नीचे से' पैसे लेते हैं.

दरअसल अखिलेश यादव का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वे ये कहते नजर आ रहे हैं कि कई कथावाचक 50 लाख रुपये तक लेते हैं. उन्होंने कहा क्या कोई धीरेंद्र शास्त्री को अपने घर कथा के लिए बुला सकता है? वह बाबा तो टेबल के नीचे पैसे लेते हैं. पता कीजिए, मुफ्त में करते हैं क्या?" इस बयान पर अभी तक धीरेंद्र शास्त्री की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

इटावा में कथा वाचकों के अपमान पर बवाल

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह इटावा के डांडरपुर गांव में यादव समुदाय के दो कथावाचकों के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया था. आरोप है कि उन्हें न केवल अपमानित किया गया, बल्कि उनका मुंडन कराकर महिलाओं के पैरों में नाक रगड़ने को मजबूर किया गया. गांव वालों ने दावा किया कि दोनों कथावाचकों ने कथा से पहले अपनी जाति छिपाई थी. आयोजक ने दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई और कहा कि अगर पहले से जाति पता होती तो उन्हें बुलाया ही नहीं जाता.

अखिलेश ने बीजेपी पर समाज को बांटने का आरोप लगाया

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला और कहा कि भाजपा जातियों में फूट डालकर समाज में अशांति फैलाना चाहती है. उन्होंने कहा, "बीजेपी अपने खास सरनेम वाले लोगों को पड़ोसी राज्यों से भेज रही है ताकि उत्तर प्रदेश की सामाजिक एकता को तोड़ा जा सके"

अहीर रेजीमेंट ने किया विरोध

घटना के विरोध में ‘अहीर रेजीमेंट’ नामक सामाजिक संगठन के लोगों ने बकेवर थाने के बाहर प्रदर्शन किया. कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने समझा-बुझाकर हटाया, लेकिन कई लोग पुलिस से भिड़ गए, जिससे वहां झड़प हो गई. सर्कल ऑफिसर अतुल प्रधान ने बताया कि स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त बल बुलाया गया और छह लोगों को हिरासत में लिया गया है.