आगरा: आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान रोड पर एक तेज रफ्तार कार ने कहर बरपाया. इस भयानक हादसे में पांच लोगों की जान चली गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. कार की टक्कर इतनी जोरदार थी कि यह कई बार पलटी और एक पेड़ से टकराकर रुकी. वहां मौजूद लोगों का कहना है कि अगर पेड़ नहीं होता, तो यह कार पास के नाले को पार कर घरों में घुस सकती थी, जिससे और भी लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी.
हादसा नगला बूढ़ी इलाके में हुआ, जहां कार चालक ने 70-80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन दौड़ाया. स्थानीय निवासी बबली की 12 साल की बेटी गुनगुन ने बताया कि वह अपनी सहेली के साथ बाजार जा रही थी, जबकि उसकी मां काम से लौट रही थी. अचानक कार डिवाइडर से टकराई, पलटी और प्रेमचंद के घर के बाहर बैठे लोगों को कुचल दिया. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक स्कूटर भी पास के नाले में जा गिरा.
लोगों ने बताया कि कार चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाई, जिसके बाद यह हादसा हुआ. हादसे के बाद इलाके में गुस्सा भड़क उठा. स्थानीय महिलाएं और पुरुष आक्रोशित हो गए और कार चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे. पुलिस के पहुंचने पर चालक ने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे पकड़ लिया गया.
थाना प्रभारी न्यू आगरा ने बताया कि कार चालक अंशुल गुप्ता, दयालबाग का निवासी है और उसे हिरासत में ले लिया गया है. गनीमत रही कि चालक ने सीट बेल्ट पहन रखी थी और एयरबैग खुलने से उसकी जान बच गई. इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. लोग इस बात से सहमे हुए हैं कि अगर पेड़ न होता, तो यह हादसा और भी भयावह हो सकता था.
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है. इस घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों को उजागर किया है.