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राजस्थान में दलित बच्चे के साथ दरिंदगी, पहले थूक चटवाया और खेत में की रेप की कोशिश; ऐसे बची जान

राजस्थान के अलवर जिले में 11 वर्षीय दलित बच्चे के साथ दबंगों ने बर्बरता की. आरोपियों ने उसे पीटा, थूककर चटवाया और खेत में ले जाकर कपड़े उतरवाकर कुकर्म का प्रयास किया. ग्रामीणों के पहुंचने पर आरोपी फरार हो गए. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश जारी है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
राजस्थान में दलित बच्चे के साथ दरिंदगी, पहले थूक चटवाया और खेत में की रेप की कोशिश; ऐसे बची जान
Courtesy: Social Media

Alwar Dalit Child Incident: राजस्थान के अलवर जिले के खेड़ली क्षेत्र से एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है. यहां एक 11 वर्षीय दलित लड़के के साथ गांव के दबंग युवकों ने अमानवीय बर्ताव किया. आरोप है कि पहले उसे पीटा गया, फिर जमीन पर थूककर चटवाया गया और अंत में बाजरे के खेत में ले जाकर उसके कपड़े उतरवाए गए. वहीं कुकर्म का भी प्रयास किया गया.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना 29 अगस्त की शाम करीब पांच बजे की बताई जा रही है. पीड़ित की मां ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसका बेटा साइकिल से खेतों की ओर जा रहा था. इसी दौरान गांव के ही दो युवक बाइक से आए और बच्चे को जबरन रोक लिया. आरोपियों की पहचान विजेंद्र पुत्र अतर सिंह गुर्जर और विकास पुत्र देवी मीणा निवासी पीपलखेड़ा के रूप में हुई है.

बच्चे के साथ कुकर्म करने का प्रयास

बताया जा रहा है कि दोनों युवक नशे में थे. उन्होंने बच्चे को रोककर बुरी तरह पीटा और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया. इसके बाद जमीन पर थूककर उसे जबरन चटवाया. इतना ही नहीं, आरोपियों ने चाकू दिखाकर बच्चे को डराया और उसे बाजरे के खेत में ले गए. वहां कपड़े उतरवाकर कुकर्म करने का प्रयास किया गया लेकिन उसी समय कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंच गए. ग्रामीणों को देखते ही आरोपी वहां से फरार हो गए. मासूम डरा-सहमा रोते हुए घर पहुंचा और पूरी घटना अपने परिजनों को बताई. इसके बाद परिजनों ने खेड़ली थाने में शिकायत दर्ज कराई.

आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

पुलिस ने मामला दर्ज कर इस मामले में जांच भी शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा. अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि ऐसी अमानवीय हरकत करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा. यह घटना सामने आने के बाद ग्रामीणों और स्थानीय संगठनों में गुस्सा है.