फैमली में पहले से 4 डॉक्टर, पांचवें को बनाने की थी तैयारी; NEET पेपर लीक कांड में CBI के हत्थे चढ़ा पूरा परिवार
राजस्थान से नीट पेपर लीक मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है. सीबीआई ने इस मामले में एक ही परिवार से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है. इस मामले से जुड़े और भी कई लोगों की गिरफ्तारी संभव बताई जा रही है.
CBI नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच गंभीरता से कर रही है. अभी तक किए गए जांच के आधार पर पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है. जिसमें राजस्थान के जयपुर के रहने वाले एक परिवार के तीन सदस्य शामिल हैं. इस मामले की जांच पहले राजस्थान की स्पेशल टीम द्वारा की जा रही थी, जिसे सीबीआई ने अपने हाथ में लेते हुए 24 घंटे के अंदर एक ही परिवार के तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.
मिल रही जानकारी के मुताबिक सीबीआई द्वारा की गई गिरफ्तारी में जयपुर के एक परिवार के तीन सदस्य दिनेश बीवाल, उनके भाई मांगीलाल बीवाल और मांगीलाल के बेटे विकास बीवाल के नाम शामिल है. इनके अलावा गुरुग्राम के यश यादव और नासिक से शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया गया है.
शक के घेरे में पूरा परिवार
मिल रही जानकारी के मुताबिक सीबीआई ने बुधवार को आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश करने के बाद अपने साथ नई दिल्ली ले गई. जांच में मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी विकास कई सालों से नीट परीक्षा की तैयारी कर रहा था. इसके बाद भी सफलता उसके हाथ नहीं लगी. इस बार भी उसे परीक्षा में पास होने की उम्मीद कम थी. उसने इस कठिन रास्ते को पार करने के लिए आसान रास्ता अपनाया.
इस मामले में बीवाल परिवार को लेकर सख्ती इसलिए भी की जा रही है क्योंकि इस परीक्षा से एक साल पहले इसी परिवार के चार बच्चों ने नीट की परीक्षा पास की थी. जो फिलहाल अलग-अलग कॉलेजों में अपनी पढ़ाई कर रहे हैं. ऐसे में पिछले साल पास हुए उन छात्रों का रिजल्ट भी अब शक के घेरे में आ गया है.
कोचिंग संस्थान में भी फैला गेस पेपर
जांच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि दिनेश बीवाल को यश यादव के माध्यम से पहले ही संभावित प्रश्न पत्र मिल गए थे. जिसके बाद उसने अपने बेटे को यह पेपर सौंप दिया. सूत्रों का कहना है कि विकास ने अपने साथ-साथ अन्य 10 लोगों के साथ इस प्रश्न पत्र को साझा किया था. हालांकि अभी कोई सबूत नहीं मिला है लेकिन जिस कोचिंग में वह पढ़ाई कर रहा था, वहां के सोशल मीडिया ग्रुप में एक गेस पेपर पाया गया है.
जिसमें परीक्षा से मिलते-जुलते कई सवाल पूछे गए हैं. इस पेपर लीक मामले में 'आरके कंसल्टेंसी' नाम से फर्म चलाने वाले एक व्यक्ति राकेश मंडावरिया को भी हिरासत में लिया गया है और इस कांड से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है. अभी और भी कई नाम सामने आने की उम्मीद है.