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मजदूरी करके पति ने पत्नी को बनाया सरकारी टीचर, नौकरी मिलते बीवी ने फेरा मुंह; कहा- 'आप कौन जी…?'

भरतपुर के भुसावर में एक अजीब मामला सामने आया है, जहां अनूप कुमार ने 2021 में बिना दान-दहेज के पंकज कुमारी से शादी की. अनूप ने अपनी पत्नी को मजदूरी कर पढ़ाया और कोचिंग के खर्च उठाए, ताकि वह सरकारी शिक्षक बने, लेकिन अब उसे धोखाधड़ी का सामना करना पड़ रहा है.

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Edited By: Princy Sharma
मजदूरी करके पति ने पत्नी को बनाया सरकारी टीचर, नौकरी मिलते बीवी ने फेरा मुंह; कहा- 'आप कौन जी…?'
Courtesy: X

Bharatpur News: भरतपुर जिले के भुसावर इलाके में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पति ने अपनी पत्नी को पढ़ा-लिखा कर सरकारी शिक्षक बनवाया, लेकिन अब उसे धोखाधड़ी और दुत्कार का सामना करना पड़ रहा है. घटना की शुरुआत 2021 में हुई जब अनूप कुमार ने अपनी पत्नी पंकज कुमारी से बिना दान-दहेज के साधारण तरीके से विवाह किया था. अनूप ने अपनी पत्नी को मजदूरी करके पढ़ाया और कोचिंग के खर्चे उठाए, ताकि वह जीवन में कुछ हासिल कर सके.

काफी संघर्ष के बाद, 2023 में पंकज सरकारी शिक्षक बन गईं. लेकिन इसके बाद उनकी मानसिकता में बदलाव आ गया और वह अपने पति और ससुरालवालों से बुरी तरह बर्ताव करने लगीं. साथ ही, अब पंकज को अच्छा वेतन मिल रहा था और ट्यूशन से भी मोटी आमदनी हो रही थी. इससे उनकी शान में भी इजाफा हुआ और उन्होंने पति से किसी भी प्रकार का सहयोग करने से इंकार कर दिया.

अनूप ने अदालत का दरवाजा खटखटाया

पंकज ने 2 मई 2025 को अनूप से यह कहते हुए अलग रहने का निर्णय लिया कि वह अब उनके साथ नहीं रहना चाहती. इस पर अनूप ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और जिला कलक्टर से भी मदद की गुहार लगाई. अनूप ने अपने शिकायत पत्र में बताया कि उसकी पत्नी ने रीट 2023 एल-1 परीक्षा में सफलता के बाद सरकारी नौकरी प्राप्त की. लेकिन उसने दस्तावेजों में जानबूझकर कुछ तथ्य छिपाए और अविवाहित होने का झूठा प्रमाण पत्र दिया.

पत्नी ने दी सफाई

पंकज कुमारी ने इस पूरे मामले में यह दावा किया कि उनकी शादी नाबालिग होते हुए हुई थी, और उन्हें तो इस विवाह के बारे में ठीक से याद भी नहीं है. उनका कहना है कि उनके दस्तावेज चोरी कर फर्जी विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र बनवा लिया गया.

अब यह मामला अदालत में है, और यह पूरी घटना इस सवाल को खड़ा करती है कि क्या विवाह केवल एक रस्म अदायगी भर था? क्या शिक्षा और सरकारी नौकरी पाने के बाद पति के संघर्षों को नकारना सही है? यह मामला अब न्याय के रास्ते पर है, जहां दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात रखेंगे.