पंजाब के फिल्लौर में आयोजित धार्मिक मेले के दौरान हुए झूला हादसे ने लोगों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मेले में अचानक झूले का एक हिस्सा टूटकर गिर गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई और कई लोग घायल हो गए. घटना के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं.
यह हादसा डेरा बाबा ब्रह्मदास मेले में शनिवार शाम हुआ. शुरुआती जानकारी के अनुसार, झूले के नट बोल्ट टूट जाने के कारण उसका एक डिब्बा नीचे गिर गया. हादसे के समय झूले में करीब 30 लोग सवार थे. दुर्घटना में घायल लोगों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है. इनमें एक महिला को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में चल रहा है.
घटना के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्यवाही करते हुए एक विशेष जांच कमेटी का गठन किया है. एसडीएम सिमरणजीत सिंह के अनुसार, कमेटी हादसे के कारणों की पड़ताल करेगी और यह भी जांचेगी कि आयोजन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं. साथ ही यह भी देखा जाएगा कि मेले और झूले के संचालन के लिए संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं.
प्रशासन ने साफ किया है कि अगर जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी. पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है.
जिला प्रशासन और मेला कमेटी की ओर से घायलों के उपचार की पूरी व्यवस्था की गई है. स्वास्थ्य विभाग को सभी घायलों की निगरानी और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से तुरंत निपटा जा सके.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झूला गिरते ही मेले में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. झूले में बैठे लोगों के अलावा उसके आसपास खड़े कुछ लोग भी इसकी चपेट में आ गए. स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले में जवाबदेही तय की जाएगी.