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India Daily

गलती से युवक को सीमा पार करना पड़ा भारी, पाकिस्तान की जेल में काट रहा सजा; परिवार ने लगाई मदद की गुहार

पंजाब के फिरोजपुर के किसान अमृतपाल सिंह को गलती से भारत-पाक सीमा पार करने पर पाकिस्तान की अदालत ने एक महीने की सजा और 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है. उनके पिता जुगराज सिंह ने यह जानकारी दी. जुर्माना न भरने की स्थिति में सजा 15 दिन और बढ़ सकती है.

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Edited By: Princy Sharma
गलती से युवक को सीमा पार करना पड़ा भारी, पाकिस्तान की जेल में काट रहा सजा; परिवार ने लगाई मदद की गुहार
Courtesy: Pinterest

Punjab farmer jailed in Pakistan: पंजाब के फिरोजपुर जिले के एक किसान को पाकिस्तान की जेल में एक महीने की सजा सुनाई गई है. यह मामला तब सामने आया जब किसान अमृतपाल सिंह गलती से भारत-पाकिस्तान सीमा पार कर गया. अमृतपाल के पिता जुगराज सिंह ने पुष्टि की कि उनके बेटे को पाकिस्तान की अदालत ने एक महीने की कैद और 50,000 रुपये का जुर्माना सुनाया है. जुर्माना न भरने पर सजा 15 दिन और बढ़ सकती है.

अमृतपाल, जो शादीशुदा हैं और एक छोटी बेटी के पिता हैं, करीब 8.5 एकड़ जमीन के मालिक हैं, जो भारत-पाक सीमा की फेंसिंग और असली अंतरराष्ट्रीय सीमा के बीच स्थित है. यह इलाका जिसे ‘जीरो लाइन’ कहा जाता है, वहां किसानों को हर दिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक खेती की अनुमति होती है, लेकिन सख्त बीएसएफ निगरानी में.

BSF ने की तलाश शुरू

21 जून को अमृतपाल बीओपी (बॉर्डर आउट पोस्ट) राणा के पास अपने खेतों पर काम करने गए थे. शाम 5 बजे तक जब वे वापस नहीं लौटे, तो बीएसएफ ने उनकी तलाश शुरू की. जांच में पाया गया कि उनके पैरों के निशान पाकिस्तान की तरफ जा रहे थे. 27 जून को पाक रेंजर्स ने बीएसएफ को बताया कि अमृतपाल उनकी स्थानीय पुलिस की हिरासत में है.

पाकिस्तानी वकील ने पिता को भेजी कॉपी

बाद में एक पाकिस्तानी वकील ने अमृतपाल के पिता को अदालत के आदेश की कॉपी भेजी, जिसमें बताया गया कि उन्हें पाकिस्तान के फॉरेनर एक्ट 1946 के तहत दोषी ठहराया गया है. फिलहाल पाकिस्तान की अदालत ने सजा पूरी होने के बाद अमृतपाल की डिपोर्टेशन (वापसी) की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए हैं. वहीं, अमृतपाल ने हाल ही में परिवार से संपर्क कर अपनी स्थिति की जानकारी दी.

परिवार की ओर से केंद्र और पंजाब सरकार से अपील की गई है कि वे कूटनीतिक स्तर पर तुरंत कदम उठाकर अमृतपाल की रिहाई सुनिश्चित करें. यह मामला न सिर्फ मानवीय दृष्टिकोण से चिंताजनक है, बल्कि सीमा क्षेत्र में खेती कर रहे सैकड़ों किसानों के लिए एक चेतावनी भी है.