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India Daily

क्लीन सिटी इंदौर में नगर निगम के सप्लाई वाटर से उठा लोगों का भरोसा, जेब पर बढ़ा बोझ

इंदौर में दूषित पेयजल से फैली उल्टी-दस्त की बीमारी ने छह लोगों की जान ले ली और 200 से ज्यादा बीमार हुए. साफ-सफाई के लिए मशहूर शहर में लोग नल का पानी छोड़ बोतलबंद पानी पर निर्भर हो गए हैं.

Kanhaiya Kumar Jha
क्लीन सिटी इंदौर में नगर निगम के सप्लाई वाटर से उठा लोगों का भरोसा, जेब पर बढ़ा बोझ
Courtesy: Gemini AI

इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी और देश का सबसे साफ शहर कहलाने वाला इंदौर इन दिनों गंभीर जल संकट से जूझ रहा है. भगीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण उल्टी-दस्त का प्रकोप फैल गया, जिससे लोगों में डर और अविश्वास पैदा हो गया है. हालात ऐसे हैं कि नगर निगम की जल आपूर्ति से लोग मुंह मोड़ रहे हैं और मजबूरी में महंगा बोतलबंद पानी खरीद रहे हैं.

भगीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल के कारण उल्टी और दस्त की बीमारी तेजी से फैली. सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक छह लोगों की मौत हुई है और 200 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती कराए गए. हालांकि स्थानीय लोगों और कुछ जनप्रतिनिधियों का दावा है कि मृतकों की संख्या 10 से 16 के बीच हो सकती है. इस क्षेत्र में बड़ी आबादी निम्न और मध्यम आय वर्ग की है.

नल के पानी से टूटा भरोसा

स्थानीय निवासी सुनीता का कहना है कि अब वे नल का पानी पीने से डरते हैं. उनके परिवार को रोजाना 20 से 30 रुपये देकर पानी के जार खरीदने पड़ रहे हैं. उनका आरोप है कि पिछले दो-तीन साल से नलों में गंदा पानी आ रहा था, लेकिन शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. मजबूरी में लोग फिटकरी डालकर और पानी उबालकर पीते रहे.

चाय भी अब बोतलबंद पानी से

शहर में अविश्वास का स्तर इतना बढ़ गया है कि चाय दुकानदार भी ग्राहकों को भरोसा दिलाने के लिए बोतलबंद पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं. चाय विक्रेता तुषार वर्मा बताते हैं कि वे पानी खरीदकर चाय बना रहे हैं, लेकिन ग्राहकों पर बोझ न पड़े इसलिए चाय के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं. साफ-सफाई के लिए प्रसिद्ध शहर की यह तस्वीर लोगों को चौंका रही है.

प्रशासन की जागरूकता और कार्रवाई

जिला प्रशासन ने इलाके में जागरूकता अभियान शुरू किया है. गैर सरकारी संगठनों के कार्यकर्ता लोगों को 15 मिनट तक पानी उबालने और फिलहाल टैंकर से मिलने वाला पानी ही पीने की सलाह दे रहे हैं. साथ ही नगर निगम की पाइपलाइनों और ट्यूबवेल्स में क्लोरीनेशन किया जा रहा है, ताकि बैक्टीरिया और वायरस को खत्म किया जा सके.

राजनीतिक और प्रशासनिक कदम

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम आयुक्त का तबादला और दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित करने के आदेश दिए हैं. सरकार ने हाई कोर्ट को बताया है कि हालात अब नियंत्रण में हैं और हर पल निगरानी की जा रही है. इंदौर की जल आपूर्ति नर्मदा नदी से होती है, जो करीब 80 किलोमीटर दूर से पाइपलाइन के जरिए लाई जाती है और एक दिन छोड़कर दी जाती है.