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India Daily

बेंगलुरु में काम कर रही रूसी महिला ने खोला भारतीय ऑफिस का राज, बताई 10 अजीब आदतें; Video हुआ वायरल

Viral Video: पिछले 12 सालों से बेंगलुरु में काम कर रही रूसी महिला, यूलिया असलमोवा ने भारत के वर्कप्लेस कल्चर पर एक इंस्टाग्राम पोस्ट साझा किया, जो तेजी से वायरल हो गया. उन्होंने बताया कि भारतीय सहकर्मी उन्हें नाश्ता या चाय-कोफी के बारे में पूछकर बेहद स्वागतपूर्ण तरीके से पेश आते थे.

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Edited By: Princy Sharma
बेंगलुरु में काम कर रही रूसी महिला ने खोला भारतीय ऑफिस का राज, बताई 10 अजीब आदतें; Video हुआ वायरल
Courtesy: Instagram

Russian Woman Viral Video: पिछले 12 सालों से बेंगलुरु में रह रही और काम कर रही एक रूसी महिला, यूलिया असलमोवा ने हाल ही में भारत में यूनिक वर्कप्लेस कल्चर  के बारे में एक चौंकाने वाला इंस्टाग्राम पोस्ट साझा किया. यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई और कई सांस्कृतिक विचित्रताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया जो दूसरे देशों के लोगों को असामान्य लग सकती हैं, लेकिन भारतीय कार्यालयों में बिल्कुल सामान्य हैं.

अपनी पोस्ट में, असलमोवा बताती हैं कि जब उन्होंने भारत में काम करना शुरू किया, तो वे अपने सहकर्मियों की देखभाल देखकर हैरान रह गईं, जो पूछते थे कि क्या उन्होंने नाश्ता किया है या चाय या कॉफी पी है. उन्होंने इसे अपने करियर की बेहद प्यारी और स्वागत योग्य शुरुआत बताया.

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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रात तक काम करना

उनके कुछ अन्य अवलोकनों में शामिल हैं कि कर्मचारी अक्सर काम पर लंबे समय तक बिताते हैं, अपने मैनेजर के जाने तक देर तक रुकते हैं. उन्होंने यह भी देखा कि देर रात तक काम करना आम हैं, कर्मचारियों को नियमित रूप से रात 11 बजे कॉल या आधी रात को ईमेल मिलते हैं.

ऑफिस ले लिए लंबा सफर

असलमोवा ने कई कर्मचारियों द्वारा झेली जाने वाली लंबी यात्रा पर भी प्रकाश डाला, जिसमें अक्सर कार्यालय पहुंचने में दो घंटे तक लग जाते हैं. उन्होंने बताया कि भारत में, सहकर्मी किसी अनुरोध पर सीधे ना शायद ही कभी कहते हैं और कार्यालय अक्सर त्योहार साथ मिलकर मनाते हैं, जैसे पूजा-पाठ. उन्हें लगा कि साथ मिलकर जश्न मनाना बहुत जरूरी है, क्योंकि सहकर्मी काम पर अपना ज्यादातर समय साथ बिताते हैं.

तनख्वाह की बचत

असलमोवा ने एक और खास अंतर देखा, वह था भारतीय कार्यस्थलों में मजबूत प्रतिस्पर्धी भावना, जहां युवा पेशेवर अक्सर न केवल अपने लिए, बल्कि परिवार के सदस्यों के लिए भी जिम्मेदार होते हैं. उन्होंने भारतीय कर्मचारियों के वित्तीय अनुशासन की प्रशंसा की और बताया कि कितने लोग अपनी पहली तनख्वाह से ही बचत और निवेश शुरू कर देते हैं.

'नया परिवार मिला...'

भारत में अपने 12 साल के सफर को याद करते हुए, असलामोवा ने बताया कि कैसे उनके सहकर्मी समय के साथ परिवार की तरह बन गए. उन्होंने कहा, 'सालों तक साथ काम करने से, टीम के सदस्य सचमुच जीवन भर के दोस्त बन जाते हैं. भारत में अपने 12 साल के सफर के दौरान मुझे अपना नया परिवार मिला, और यह सब मेरे काम की बदौलत है.'

यूलिया, जो इंस्टाग्राम पर मजाकिया अंदाज में खुद को 'भारत की बहू' कहती हैं, एक रूसी कंटेंट क्रिएटर हैं जिनके 24,100 से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. उनकी हृदयस्पर्शी पोस्ट ने भारतीय कार्यस्थल संस्कृति और साझा अनुभवों के माध्यम से बनने वाले संबंधों पर एक नया दृष्टिकोण दिया है.