बस किराया बढ़ोतरी पर कर्नाटक सरकार की बड़ी समीक्षा, यात्रियों पर बोझ कम रखने की कोशिश

कर्नाटक में आरटीसी बस किराए में संभावित बढ़ोतरी को लेकर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि परिवहन निगमों पर बढ़ते आर्थिक दबाव और यात्रियों के हितों को ध्यान में रखते हुए अंतिम फैसला लिया जाएगा.

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Shanu Sharma

बेंगलुरु: कर्नाटक में राज्य परिवहन निगमों की वित्तीय स्थिति और बढ़ती परिचालन लागत के बीच बस किराए में संभावित वृद्धि को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. हालांकि राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में कोई भी निर्णय आम जनता के हितों को प्राथमिकता में रखकर ही लिया जाएगा.

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा है कि सरकार परिवहन निगमों की आर्थिक चुनौतियों और यात्रियों की जरूरतों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास कर रही है. मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए डीके शिवकुमार ने बताया कि कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम और अन्य सार्वजनिक परिवहन संस्थाओं को वित्तीय रूप से मजबूत बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है. लेकिन इसके साथ यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े.

सीएम शिवकुमार ने क्या कहा?

सीएम शिवकुमार ने कहा कि अतीत में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी होने पर परिवहन किरायों में संशोधन किया जाता रहा है, लेकिन इस बार सरकार जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहती. इसके बजाय सभी आर्थिक और सामाजिक पहलुओं का गहन अध्ययन किया जा रहा है.

उन्होंने बताया कि हालिया ईंधन मूल्य वृद्धि के कारण राज्य के परिवहन निगमों पर भारी अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा है. बढ़ती लागत के चलते निगमों का घाटा भी बढ़ रहा है, जिसके कारण सरकार को दीर्घकालिक समाधान तलाशने की आवश्यकता महसूस हो रही है. हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी निर्णय से पहले व्यापक स्तर पर चर्चा की जाएगी और यात्रियों के हितों की अनदेखी नहीं होगी. परिवहन से जुड़े मुद्दों के अलावा मंत्रिमंडल बैठक में प्रशासनिक सुधारों और विकास योजनाओं पर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. 

केंद्र सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ

शिवकुमार ने कहा कि नई दिल्ली में कर्नाटक के कानूनी विभाग को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा ताकि सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जा सके. इसके लिए प्रशासनिक ढांचे में भी आवश्यक बदलाव किए जाएंगे. उन्होंने यह भी घोषणा की कि केंद्र सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ राज्य को दिलाने के लिए अधिकारियों की एक विशेष टीम बनाई जाएगी. यह टीम अन्य राज्यों में सफलतापूर्वक लागू की गई योजनाओं का अध्ययन करेगी और कर्नाटक में उनके क्रियान्वयन की संभावनाओं पर काम करेगी. इस सलाहकार समूह में अनुभवी सेवानिवृत्त आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा.