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Karnataka Accident: '60-70 किमी/घंटे की रफ्तार से चला रहा बस तभी...', ड्राइवर ने बताया कैसे ट्रक से हुई भयानक टक्कर और सब कुछ होगा स्वाहा

बस चालक रफीक ने बताया 'मैं 60-70 किमी/घंटा की रफ्तार से बस चला रहा था. ट्रक आते हुए दिखाई दिया, मैंने बस को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन बचाया नहीं जा सका'.

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चित्रदुर्ग: कर्नाटक राज्य के चित्रदुर्ग जिले में तेज रफ्तार कंटेनर ट्रक और स्लीपर बस के बीच जोरदार टक्कर हुई. इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 9 लोगों की मौत हुई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. दुर्घटना के समय बस में 29 यात्री थे, जिनमें 15 महिलाएं और 14 पुरुष शामिल थे. 

क्रिसमस की पूर्व संध्या पर सड़क हादसा

कर्नाटक के चित्तरदुर्ग जिले में हरीयूर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर क्रिसमस की पूर्व संध्या पर एक भयंकर सड़क दुर्घटना हुई. तेज रफ्तार कंटेनर ट्रक ने 29 यात्रियों से भरी लग्जरी स्लीपर बस को टक्कर मार दी, जिससे बस में आग लग गई. 

घटना को लेकर चालक ने क्या बताया?

बस चालक रफीक ने बताया 'मैं 60-70 किमी/घंटा की रफ्तार से बस चला रहा था. ट्रक आते हुए दिखाई दिया, मैंने बस को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन बचाया नहीं जा सका'. हादसे के दौरान बस चालक को भी गंभीर चोट आई है, जिसका उपचार किया जा रहा है.

कैसे हुआ हादसा?

हादसे में बचने वाले एक यात्री आदित्य ने बताया कि बस रात 11.30 बजे बेंगलुरु से रवाना हुई थी. हादसा करीब दो बजे हुआ. उन्होंने कहा कि टक्कर के बाद वह नीचे गिर गए, शीशा टूटने के बाद किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे. उन्होंने बताया कि बस के अंदर कई लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे, लेकिन तब तक आग पूरी बस में फैल चुकी थी. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची. आग पर काबू पाने में काफी समय लगा. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है.

स्लीपर बस में लगी आग

टक्कर के तुरंत बाद बस में आग लग गई और कई यात्री बस में ही फंस गए. पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया. रिपोर्ट के अनुसार, सुबह 8 बजे तक नौ शव बरामद किए गए, जबकि गंभीर रूप से घायल कई यात्रियों का अस्पताल में इलाज जारी है.

दुर्घटना की संभावित वजह क्या है?

प्रारंभिक जांच के अनुसार, ट्रक चालक कुलदीप की लापरवाही इस हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है. बस चालक, कंडक्टर और कुछ यात्रियों की जान इस दर्दनाक हादसे में बच गई है. उन्होंने बस से कूदकर अपनी जान बचाई. चित्तरदुर्ग के एसपी ने घटनास्थल का दौरा किया और मामले की जांच शुरू कर दी. दुर्घटना के कारण NH-48 पर करीब 30 किमी लंबा ट्रैफिक जाम भी लग गया.

मुआवजे का ऐलान

प्रधानमंत्री ऑफिस ने इस हादसे को लेकर एक बयान जारी किया है, जिसमें मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50,000 रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने हादसे पर दुःख व्यक्त किया है.