T20 World Cup 2026: 'भारत की धमकियों से नहीं डरते....' मैच के बीच क्यों PCB चेयरमैन ने घसीटा फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का नाम
क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख मोहसिन नकवी ने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का हवाला देते हुए कहा कि न तो हम और न ही हमारी सरकार भारत और आईसीसी की 'धमकियों' से डरते है.
मई दिल्ली: क्रिकेट के प्रेमियों के लिए फिलहाल क्रिकेट का महाकुंभ चल रहा है. प्रशंसक हर रोज कई मैचों का लुत्फ उठ रहैे हैं. लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा जिस मैच का बेसब्री से इंतजार था वह है भारत बनाम पाकिस्तान. इस हाई ड्रामा मैच के होने को लेकर संशय बना हुआ था. लेकिन अब इस पर से पर्दा उठ चुका है. पाकिस्तान सरकार ने इसे लेकर अपनी सहमति दे दी है. लेकिन इसी एक अब एक और विवाद खड़ा हो गया है.
दरअसल क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख मोहसिन नकवी ने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का हवाला देते हुए कहा कि न तो हम और न ही हमारी सरकार भारत और आईसीसी की 'धमकियों' से डरते है. हफ्तों के हंगामे, बहिष्कार की धमकियों और पाकिस्तान सरकार, आईसीसी और कई क्रिकेट बोर्डों के बीच लंबी बातचीत के बाद आखिरकार पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड सोमवार को मैच खेलने के लिए सहमत हो गया।
आईसीसी से नहीं डरता पाकिस्तान...
क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख मोहसिन नकवी अकसर किसी न किसी बात के लिए विवादों से घिरे रहते हैं. अब एक बार फिर से वह अपने एक बयान के लिए सुर्खियों में आ गए हैं. उन्होंने मौजूदा समय में चल भारत बनाम पाकिस्तान मैच विवाद में सैन्य नेतृत्व को घसीट लिया है.
दरअसल नकवी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 'न तो मैं भारत और आईसीसी की धमकियों से डरता हूं, न ही पाकिस्तान सरकार डरती है, और जहां तक फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर की बात है, आप उनके बारे में पहले से ही जानते हैं, वह कभी नहीं डरते'. उनके इस बयान ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया है.
जानिए मोहसिन नकवी ने क्यों लिया आसिम मुनीर का नाम?
अब सवाल यह उठता है कि पीसीबी अध्यक्ष ने सेना प्रमुख आसिम मुनीर का नाम क्यों लिया. क्योंकि यह विवाद क्रिकेट से संबंधित था और इसमें सैन्य नेतृत्व को घसीटने का कोई मतलब नही था. तो बता दें कुछ विश्लेषकों का मानना है कि नकवी क्रिकेट विवाद को नागरिक-सैन्य टकराव का मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं.
फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पाकिस्तान के हालिया इतिहास में एक प्रमुख सैन्य हस्ती हैं. मई 2025 में, ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के साथ सीमा संघर्ष के बाद, इस्लामाबाद मंत्रिमंडल ने जनरल मुनीर को फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत किया, जोकि देश का सर्वोच्च सैन्य पद है.