'अस्पताल में मेरी बेटी के बदन से....' RCB के जश्न के दौरान भगदड़ में जान गंवाने वाली दिव्यांशी की मां ने लगाए गंभीर आरोप
बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में आईपीएल की जीत के जश्न के दौरान मची भगदड़ में जान गंवाने वाली 13 वर्षीय दिव्यांशी बी एस की मां ने एक बेहद भावुक और गंभीर आरोप लगाया है. उनका कहना है कि अस्पताल के शवगृह से उनकी बेटी के शरीर पर मौजूद सोने के गहने चोरी हो गए. मामले में उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और न्याय की मांग की है.
4 जून को बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की जीत का जश्न मातम में बदल गया, जब भीड़ में भगदड़ मच गई और 13 वर्षीय दिव्यांशी बी एस समेत 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. दिव्यांशी की मां अश्विनी शिवकुमार का दावा है कि उनकी बेटी के शव से करीब एक लाख रुपये मूल्य के गहने गायब थे, जो अंतिम बार अस्पताल पहुंचने पर देखे गए थे. अब इस दुखद हादसे में एक नया मोड़ आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
दिव्यांशी की मां अश्विनी शिवकुमार ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा कि जब उनकी बेटी का शव 4 जून को बॉवरिंग अस्पताल ले जाया गया था, तब उसके कानों में सोने की बालियाँ और गले में एक चेन मौजूद थीं. लेकिन जब परिवार को शव सौंपा गया, तब ये गहने गायब थे. उस वक्त शोक और सदमे में होने के कारण किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया. बाद में जब उन्हें गहनों की याद आई, तो शक अस्पताल के शवगृह पर गया.
भावनाओं से जुड़ा है यह मामला
अश्विनी का कहना है कि यह सिर्फ गहनों की चोरी नहीं है, बल्कि उनकी बेटी की आखिरी निशानियों का अपमान है. “इन गहनों से मेरी बेटी की अंतिम यादें जुड़ी हैं. ये वही आभूषण थे जो उसने अपनी जिंदगी के आखिरी पल में पहने थे. उन्होंने भावुक होते हुए कहा- इस तरह किसी मासूम की यादों को चुराना बेहद अमानवीय है. इसीलिए उन्होंने मामले की गंभीरता से जांच करने की मांग की है.
विराट कोहली से मिलने की चाह ने ले ली जान
शिकायत में अश्विनी ने बताया कि दिव्यांशी क्रिकेट की बहुत बड़ी प्रशंसक थी. उसका सपना था कि वह विराट कोहली को करीब से देखे. इसी चाह में वह अपनी मां के साथ स्टेडियम पहुंची थी. लेकिन ज्यादा भीड़ और अव्यवस्था के कारण वहां भगदड़ मच गई, जिसमें वह सबसे कम उम्र की शिकार बनी. “उसकी एक ख्वाहिश ने उसकी जान ले ली.
बिल्कुल अलग सोच रखती थी दिव्यांशी
दिव्यांशी सिर्फ एक क्रिकेट फैन नहीं, बल्कि एक होनहार छात्रा भी थी. वह 9वीं कक्षा में पढ़ती थी और भविष्य में पशु चिकित्सक बनने का सपना देखती थी. उसकी मां कहती हैं, “दिव्यांशी बहुत परिपक्व सोच रखती थी. कई बार वो मुझे जीवन के कठिन पलों से कैसे निपटना है, ये सिखाती थी.” इतना ही नहीं, वह सचिन तेंदुलकर, कपिल देव और अन्य क्रिकेटरों के बारे में भी खूब जानती थी.
इस घटना ने न सिर्फ अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि यह भी दिखाया है कि मृतकों के परिजनों के साथ किस हद तक संवेदनहीनता बरती जा सकती है. अश्विनी की शिकायत के बाद अब पुलिस मामले की जांच कर रही है.
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