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आलीशान बंगला, महंगी शराब का बार, गुप्त तहखाना, 500 करोड़ के लोन स्कैम में महाठग गिरफ्तार; ऐसे लगाता था अमीरों को चूना

सल्दान्हा कर्ज लेने वाले ग्राहकों को अपने आलीशान घर और ऑफिस पर बुलाता था. विश्वास जीतने करने के बाद, वह 100 करोड़ या उससे अधिक के कर्ज की पेशकश करता.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
आलीशान बंगला, महंगी शराब का बार, गुप्त तहखाना, 500 करोड़ के लोन स्कैम में महाठग गिरफ्तार; ऐसे लगाता था अमीरों को चूना

बदलते वक्त और तकनीक के साथ देश में ठगों की एक जमात पैदा होती जा रही है. भारत के सबसे बड़े ठग सुकेश के बाद  मंगलुरु में एक और ठग सामने आया है. इस ठक ने झूठी शान-ओ-शौकत के दम पर ऐसा खेल रचा कि बड़े से बड़े उद्योगपति और व्यापारी इसके जाल में फंसते चले गए. इस शातिर ठग की करतूत तब सामने आई जब मंगलुरु पुलिस ने उसके आलीशान बंगले पर छापा मारा.

रोहन सल्दान्हा का धोखे का जाल

मंगलुरु पुलिस ने इस महाठक रोहन सल्दान्हा (45) को गिरफ्तार किया है. रोहन उद्योगपतियों को बेहद सस्ती दरों पर को मोटा कर्ज देने का वादा कर जाल में फांसता था. वह बताता था कि वह एक टॉपक्लास फाइनेंसर है. वह सारी डील अपने जप्पिनमोगरु स्थित शानदार बंगले पर करता था, लोग उसके आलीशान बंगले और उसके महंगे ठाठ-बाट को देखकर उसके बहकावे में आ जाते थे और उसकी सारी बातों पर आंख मूंदकर विश्वास कर लेते थे. अलग-अलग राज्यों के अमीर और व्यापारी लोग उसके निशाने पर हुआ करते थे.

सल्दान्हा कर्ज लेने वाले ग्राहकों को अपने आलीशान घर और ऑफिस पर बुलाता था. विश्वास जीतने करने के बाद, वह 100 करोड़ या उससे अधिक के कर्ज की पेशकश करता. अपनी योजना को विश्वसनीय बनाने के लिए, वह एक नकली वकील को पेश करता, जिसका नाम क्षेत्र के किसी प्रसिद्ध वकील से मिलता-जुलता होता. यह नकली वकील दस्तावेजों की जांच और अन्य कानूनी औपचारिकताओं के लिए बात करता. इसके बाद, सल्दान्हा रजिस्ट्रेशन और स्टांप ड्यूटी के नाम पर करोड़ों रुपये की मांग करता. कुछ मामलों में उसने 10 करोड़ रुपये तक वसूले. पैसा लेने के बाद, वह बिना कोई निशान छोड़े गायब हो जाता, जिससे पीड़ित हैरान और ठगे रह जाते.

धिपने के लिए बंगले में बना रखे थे गुप्त कक्ष

पुलिस ने उसके बंगले की तलाशी के दौरान महंगे इंटीरियर्स के अलावा कई चौंकाने वाली चीजें पाईं. बंगले में गुप्त कक्ष और छिपने के स्थान थे, जो अचानक गायब होने और लंबे समय तक नजरों से दूर रहने के लिए बनाए गए प्रतीत होते थे. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अलमारियां और वार्डरोब गुप्त क्षेत्रों की ओर ले जाती थीं, जो उसे संदिग्ध ग्राहकों, अप्रत्याशित आगंतुकों या कानून प्रवर्तन से बचने में मदद करती थीं. 

कुछ ही महीनों में कमा डाले 40-50 करोड़

केवल कुछ महीनों में, सल्दान्हा ने 40-50 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की. हालांकि, कई वर्षों में कुल घोटाला इससे कहीं अधिक हो सकता है. पुलिस ने अब तक उसके खिलाफ तीन मामले दर्ज किए हैं- दो मंगलुरु में और एक चित्रदुर्ग में. अधिकारियों का मानना है कि कई और पीड़ित हो सकते हैं, जो शर्मिंदगी या डर के कारण सामने नहीं आए. 

पुलिस ने सल्दान्हा को किया गिरफ्तार

एक पीड़ित की शिकायत के बाद, मंगलुरु पुलिस ने सल्दान्हा को गिरफ्तार किया और अब उसके पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है. पुलिस संभावित सहयोगियों की तलाश में है और अन्य ठगे गए लोगों से सामने आने की अपील कर रही है.