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India Daily

सरकारी बैंक के कर्मचारी ने जुआ खेलने के लिए लॉकर से उड़ाया 4 करोड़ का सोना, ऐसे दिया चोरी की वारदात को अंजाम

बेंगलुरु में एक सरकारी बैंक के सहायक प्रबंधक किरण कुमार को ग्राहकों के लॉकर से लगभग 2.7 किलो सोना चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. आरोपी ने सट्टेबाजी और ऑनलाइन जुए के कर्ज को चुकाने के लिए ग्राहकों के इस बेशकीमती सोने को गिरवी रख दिया था.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
सरकारी बैंक के कर्मचारी ने जुआ खेलने के लिए लॉकर से उड़ाया 4 करोड़ का सोना, ऐसे दिया चोरी की वारदात को अंजाम
Courtesy: pinterest

बेंगलुरु के एक सरकारी बैंक में विश्वासघात और धोखाधड़ी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरी बैंकिंग व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है. इंडियन बैंक की एक शाखा में कार्यरत सहायक प्रबंधक ने अपनी सट्टेबाजी की खतरनाक लत को पूरा करने के लिए ग्राहकों के करोड़ों रुपये के सोने पर हाथ साफ कर दिया. आरोपी ने लॉकर की चाबियों का दुरुपयोग करते हुए बड़ी चतुराई से करीब 4 करोड़ रुपये का सोना पार कर दिया. इस सनसनीखेज खुलासे ने ग्राहकों की सुरक्षा और बैंक के आंतरिक नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

लॉकर से गायब हुआ ग्राहकों का कीमती सोना

 चोरी का यह चौंकाने वाला मामला बेंगलुरु के जयनगर इलाके में स्थित इंडियन बैंक की शाखा में तब उजागर हुआ, जब 2 जनवरी को कुछ ग्राहक अपने गिरवी रखे जेवर वापस लेने बैंक पहुंचे. लॉकर के नियमित सत्यापन और मिलान के दौरान बैंक अधिकारियों ने पाया कि पैकेटों के साथ छेड़छाड़ की गई थी. विस्तृत जांच में सामने आया कि 21 पैकेटों से सोना आंशिक रूप से गायब था और तीन पैकेट तो पूरी तरह से खाली थे. इस खबर ने बैंक प्रशासन और ग्राहकों में खलबली मचा दी.

सहायक प्रबंधक की साजिश और गिरफ्तारी

 पुलिस की सघन जांच में 34 वर्षीय सहायक प्रबंधक किरण कुमार को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया है. किरण को बैंक के लॉकर रूम और मास्टर चाबियों तक विशेष पहुंच प्राप्त थी. उसने इस भरोसे का फायदा उठाकर तब चोरी की वारदातों को अंजाम दिया जब शाखा प्रबंधक कार्यालय में मौजूद नहीं थे. उसने बड़ी चालाकी से पैकेटों से थोड़ा-थोड़ा सोना निकाला ताकि बैंक की रोजमर्रा की ऑडिट प्रक्रिया में यह आसानी से पकड़ में न आए. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की.

सट्टेबाजी की लत ने बनाया अपराधी 

हिरासत में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि वह ऑनलाइन जुए और सट्टेबाजी का बुरी तरह शिकार हो चुका था. अपनी इसी लत को पूरा करने के लिए उसने बैंक से कुल 2,783 ग्राम सोना चोरी किया, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत लगभग 4 करोड़ रुपये आंकी गई है. उसने चोरी किए गए इन गहनों को शहर के विभिन्न छोटे फाइनेंसरों और सोने की दुकानों पर गिरवी रखकर नकद हासिल किया था. यह सारा पैसा उसने सट्टेबाजी में हारकर पूरी तरह से बर्बाद कर दिया और कर्ज में डूब गया.

पुलिस की कार्रवाई और सोने की बरामदगी 

स्थानीय पुलिस ने अब तक आरोपी की निशानदेही पर विभिन्न ठिकानों से लगभग 1.2 किलो सोना बरामद कर लिया है. हालांकि, शेष कीमती सामान की बरामदगी के लिए ऑपरेशन अभी भी जारी है. जांच अधिकारियों का कहना है कि कुछ निजी फाइनेंसर जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिसके लिए वे अब अदालत से विशेष निर्देश मांग सकते हैं. पुलिस उन सभी कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है जिनके माध्यम से चोरी का सोना ठिकाने लगाया गया था. आरोपी के बैंक खातों और जुए के रिकॉर्ड की भी गहन जांच हो रही है.

ग्राहकों की सुरक्षा और पुलिस की सलाह

इस बड़ी धोखाधड़ी ने आम जनता के बीच अपनी संपत्ति की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है. पुलिस ने अब बैंक ग्राहकों को औपचारिक परामर्श जारी किया है कि वे अपने लॉकरों की नियमित रूप से व्यक्तिगत रूप से जांच करें और सामान का मिलान सुनिश्चित करें. इसके साथ ही, बैंकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे लॉकर रूम की सुरक्षा और चाबियों के प्रबंधन के लिए दोहरे नियंत्रण वाले कड़े प्रोटोकॉल का पालन करें. फिलहाल बैंक प्रशासन आरोपी के खिलाफ विभागीय जांच और वसूली की प्रक्रिया में जुटा है.