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Liquor Policy 2025: शराब के शौकीनों के आए अच्छे दिन, दामों में हुई बंपर गिरावट, जानें विदेशी-देशी बोतल के लिए कितना करने होंगे खर्च

नई पॉलिसी में टैक्स की दरें बोतल की कीमत के आधार पर तय की गई हैं. 90 रुपये तक पर 5% टैक्स, 91 से 950 रुपये पर 10% टैक्स, 951 से 1950 रुपये पर 50 रुपये और 1951 रुपये से ऊपर की बोतल पर 100 रुपये एक्साइज ड्यूटी देनी होगी.

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Reepu Kumari

Liquor Policy 2025: जो लोग शराब के शौकीन हैं उनके लिए बड़ी खबर है. कल यानि 1 सितंबर से झारखंड में शराब कम कीमत पर खरीद पाएंगे. यहां 1 सितंबर से शराब की बिक्री और कीमतों को लेकर बड़ा बदलाव लागू हो गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने नई ‘लिकर पॉलिसी 2025’ (Liquor Policy 2025) को मंजूरी दी है. इस नीति का मुख्य उद्देश्य शराब की बिक्री में पारदर्शिता लाना, गड़बड़ियों पर रोक लगाना और राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी करना है. सरकार को इस नई पॉलिसी से लगभग 1000 करोड़ रुपये का राजस्व लाभ मिलने का अनुमान है.

नई नीति के तहत प्रीमियम शराब के ब्रांड्स पर 70 प्रतिशत वैट घटा दिया गया है, जिससे ग्राहकों को सीधे तौर पर फायदा होगा. वहीं, रेगुलर ब्रांड की कीमतों में 10 से 20 रुपये की मामूली बढ़ोतरी की गई है. खास बात यह है कि अब शराब की खुदरा बिक्री निजी व्यापारियों को दी जाएगी, जबकि थोक वितरण झारखंड स्टेट बेवरेजेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (JSBCL) के अधीन रहेगा.

क्या है नई शराब नीति?

मई 2025 में झारखंड कैबिनेट ने एक्साइज नियमों में बदलाव कर नई शराब नीति को मंजूरी दी. इस नीति के तहत शराब की बिक्री निजी क्षेत्र को सौंपी जाएगी, ताकि गड़बड़ियों पर रोक लगाई जा सके. खुदरा बिक्री व्यापारी करेंगे, जबकि थोक वितरण का नियंत्रण सरकार के अधीन रहेगा.

लॉटरी सिस्टम से होगा लाइसेंस आवंटन

सरकार ने दुकानों के लाइसेंस के लिए लॉटरी सिस्टम लागू किया है. इस प्रक्रिया में पूरी जांच-पड़ताल के बाद लाइसेंस दिए जाएंगे. एक व्यक्ति अधिकतम 12 दुकानें एक जिले में और 36 दुकानें पूरे राज्य में रख सकता है.

प्रीमियम ब्रांड्स की कीमतों में राहत

अब तक लोग महंगी शराब बाहर से खरीदकर लाते थे, जिससे राज्य के राजस्व को नुकसान होता था. लेकिन नई पॉलिसी में प्रीमियम ब्रांड्स पर 70% वैट घटाने से ग्राहकों को बड़ी राहत मिलेगी और राज्य का राजस्व भी बढ़ेगा.

रेगुलर ब्रांड की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी

सरकार ने रेगुलर ब्रांड की कीमतों में 10 से 20 रुपये की बढ़ोतरी की है. इससे ग्राहकों की जेब पर थोड़ा असर तो पड़ेगा, लेकिन इसे मार्केट स्तर बनाए रखने और राजस्व बढ़ाने के लिए जरूरी माना जा रहा है.

कितनी दुकानें खुलेंगी?

नई नीति के तहत कुल 1,343 खुदरा शराब दुकानों को मंजूरी दी गई है. इनमें 159 देसी और 1,184 कंपोजिट दुकानें शामिल हैं. इन दुकानों पर देसी और विदेशी दोनों तरह की शराब उपलब्ध होगी.

न्यूनतम आयु और दस्तावेज की शर्तें

लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष तय की गई है. इसके साथ ही आधार, पैन और आयकर रिटर्न जैसे दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होगा.

टैक्स संरचना पर नजर

नई पॉलिसी में टैक्स की दरें बोतल की कीमत के आधार पर तय की गई हैं. 90 रुपये तक पर 5% टैक्स, 91 से 950 रुपये पर 10% टैक्स, 951 से 1950 रुपये पर 50 रुपये और 1951 रुपये से ऊपर की बोतल पर 100 रुपये एक्साइज ड्यूटी देनी होगी.

सरकार का उद्देश्य

नई शराब नीति से सरकार का लक्ष्य न केवल राजस्व बढ़ाना है, बल्कि शराब की बिक्री प्रणाली को पारदर्शी बनाना भी है. इससे ग्राहकों को सही दाम पर शराब मिलेगी और अवैध बिक्री पर रोक लगेगी.