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Jharkhand News: गुमला में EID ब्लास्ट, लकड़ी लेने गई 5 साल की बच्ची गंभीर रूप से घायल, हालत गंभीर

झारखंड में बुधवार को एक IED विस्फोट में 5 साल की मासूम बच्ची अनुष्का कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गई. बच्ची लकड़ी बीनने के लिए जंगल गई थी, जहां नक्सलियों के बिछाए गए विस्फोटक की चपेट में आ गई.

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Babli Rautela

Jharkhand News: झारखंड के गुमला जिले में नक्सल प्रभावित कुरुमगढ़ थाना क्षेत्र के सकरा पानी गांव में बुधवार को एक IED विस्फोट में 5 साल की मासूम बच्ची अनुष्का कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गई. बच्ची लकड़ी बीनने के लिए जंगल गई थी, जहां नक्सलियों के बिछाए गए विस्फोटक की चपेट में आ गई.

घटना के बाद परिजन उसे तुरंत सीएचसी चैनपुर लेकर गए, लेकिन वहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए गुमला सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. इसके बाद परिजनों ने बच्ची को एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया. डॉक्टरों ने बताया कि विस्फोट की वजह से बच्ची के पेट से आंत बाहर आ गई है और बेहद रक्तस्राव हो रहा है. बच्ची को बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्स अस्पताल रेफर किया गया है.

घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने घटना की जानकारी मिलने के बाद बच्ची को गुप्त तरीके से इलाज के लिए चैनपुर सीएचसी पहुंचाया और बाद में उसे रांची रेफर किया गया. गुमला जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आई हैं. जंगलों में बिछाए गए IED स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं.

इसी बीच, गुमला के घटगांव पंचायत के कोलपारा घट्टा में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. मोनिका खलखो के घर के रसोईघर में गैस सिलेंडर में आग लग गई. सिलेंडर के विस्फोट से घर की छत को नुकसान पहुंचा, लेकिन परिवार के सभी सदस्य समय रहते सुरक्षित बाहर निकल गए. इस घटना में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ.

वृद्ध महिला की कुएं में गिरकर मौत

गुमला के डुमरडीह पंचायत के कोरांबी गांव में एक 60 साल की वृद्ध महिला की कुएं में गिरने से मौत हो गई. घटना बुधवार सुबह की बताई जा रही है. परिवार के मुताबिक, महिला नहाने के लिए घर से निकली थी. आशंका है कि उसका पैर फिसलने से वह कुएं में गिर गई पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया. 

गुमला जिले में बढ़ती नक्सली गतिविधियां और उनके जंगलों में बिछाए गए आईईडी, स्थानीय निवासियों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं. पुलिस और प्रशासन को इन क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों को बढ़ाने और नक्सलियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता है.