कैथल: हरियाणा के कैथल जिले के मोहना गांव का 18 वर्षीय युवक युवराज, जो अवैध 'डंकी रूट' से अमेरिका पहुंचने के सपने के साथ पिछले साल घर से निकला था, अब जिंदा नहीं रहा. उसके परिवार ने आरोप लगाया है कि ग्वाटेमाला में मानव तस्करों ने उसे बंधक बनाया और फिर उसकी हत्या कर दी.
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, युवराज एक किसान का बेटा था और 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार के बेहतर अवसरों की तलाश में विदेश जाना चाहता था. परिवार ने बताया कि स्थानीय एजेंटों ने उसे सुरक्षित रास्ते से अमेरिका पहुंचाने का भरोसा दिया था.
युवराज के मामा गुरपेज सिंह ने बताया कि हमें कहा गया था कि वह संपर्कों के जरिए सुरक्षित अमेरिका पहुंच जाएगा, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उसका संपर्क टूट गया.
परिवार के मुताबिक, तीन स्थानीय ट्रैवल एजेंटों ने अमेरिका पहुंचाने के नाम पर उनसे 40 से 50 लाख रुपये तक वसूले. पहली किश्त के बाद युवराज से बातचीत बंद हो गई. कुछ महीनों बाद परिवार को वीडियो और तस्वीरें मिलीं, जिनमें युवराज और पंजाब के एक अन्य युवक को ग्वाटेमाला में बंधक बनाकर रखा गया था. तस्करों ने फिरौती की मांग की.
युवराज के चाचा ने बताया कि हाल ही में एक डोनकर ने परिवार से संपर्क किया और ₹3 लाख की मांग की. भुगतान के बाद उसने युवराज की मौत का प्रमाण पत्र और तस्वीरें भेजीं.
परिवार का दावा है कि ट्रैवल एजेंटों के जरिए भेजी गई रकम विदेश में तस्करों तक नहीं पहुंची. पुलिस में शिकायत के बाद दो स्थानीय एजेंटों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन अब युवराज की मौत की पुष्टि हो चुकी है.
हरियाणा, पंजाब और अन्य राज्यों में युवाओं के अमेरिका पहुंचने का डंकी रूट लगातार चर्चाओं में है. यह अवैध और बेहद खतरनाक मार्ग कई जिंदगियों को निगल चुका है. पिछले कुछ वर्षों में ऐसे कई मामलों में प्रवासी युवाओं को दुर्व्यवहार, शोषण और मौत तक का सामना करना पड़ा है.
डंकी रूट एक अवैध प्रवास का रास्ता है, जिसके जरिए लोग बिना कानूनी वीजा या पासपोर्ट प्रक्रिया के अमेरिका, कनाडा या यूरोपीय देशों में प्रवेश करने की कोशिश करते हैं. इस रूट का नाम डंकी अंग्रेजी शब्द से लिया गया है, जिसका मतलब है घुमावदार या कठिन रास्ता, यानी ऐसा रास्ता जो कानूनी नहीं है, लेकिन गुप्त और जोखिम भरा होता है.