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दिल्ली के जंतर मंतर पर उन्नाव रेप पीड़िता के प्रदर्शन के बीच लगे BJP जिंदाबाद के नारों से भड़का माहौल, मां हुई बेहोश

दिल्ली के जंतर मंतर पर उन्नाव रेप पीड़िता ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया. भाजपा जिंदाबाद के नारे लगने पर विवाद हुआ और पीड़िता की मां बेहोश हो गईं. पीड़िता ने सीबीआई और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए.

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Km Jaya

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर मंतर पर उन्नाव रेप पीड़िता ने अपनी मां के साथ प्रदर्शन किया. यह प्रदर्शन 2017 के उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषी कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित करने के दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ किया गया. प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब भीड़ में एक व्यक्ति भाजपा जिंदाबाद के नारे लगाने लगा. 

इस पर पीड़िता की मां ने कड़ा विरोध किया. विरोध के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ीं. वहां मौजूद लोगों ने बताया कि प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे. कुछ लोग तख्तियां लेकर कुलदीप सेंगर के समर्थन में भी पहुंचे. इसी दौरान भाजपा समर्थक नारे लगाए जाने लगे, जिससे विवाद और बढ़ गया. पीड़िता के समर्थकों और सेंगर का समर्थन कर रहे लोगों के बीच तीखी बहस हुई. 

दिल्ली पुलिस ने क्या लिया एक्शन?

स्थिति बिगड़ती देख दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई और पीड़िता की मां को कुछ समय के लिए प्रदर्शन स्थल से अलग स्थान पर ले जाया गया. प्रदर्शन के दौरान पीड़िता की मां ने कुलदीप सेंगर के लिए फांसी की सजा की मांग की. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी और परिवार ने वर्षों से अन्याय और डर में जीवन बिताया है. 

भीड़ में कुछ लोग खुद को पुरुष आयोग से जुड़ा बता रहे थे और सेंगर के समर्थन में नारे लगा रहे थे. इसी कारण प्रदर्शन का माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया. पुलिस और मीडिया की भारी मौजूदगी भी मौके पर देखी गई.

उन्नाव रेप पीड़िता ने सीबीआई पर क्यों उठाए सवाल?

उन्नाव रेप पीड़िता ने इस दौरान सीबीआई की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अगर सीबीआई ने पहले ही दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी होती, तो उन्हें समय पर न्याय मिल सकता था. पीड़िता ने कहा कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है और वह हर महिला के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रही हैं.

पीड़िता ने भावुक होते हुए आरोप लगाया कि उनके पिता की हत्या कर दी गई. उन्होंने कहा कि उनके परिवार के कई सदस्यों की जान चली गई और गवाहों को दी गई सुरक्षा भी हटा ली गई. उन्होंने यह भी कहा कि उनके पति को नौकरी से निकाल दिया गया है और उनके बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं.

पुलिस ने कैसे किया स्थिति को नियंत्रित?

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और दोनों पक्षों को शांत करने की कोशिश की. हालांकि तनाव बना रहा और जंतर मंतर पर देर तक राजनीतिक और सामाजिक बहस चलती रही. यह प्रदर्शन एक बार फिर उन्नाव रेप केस को लेकर देश की राजनीति और न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करता दिखा.