दिल्ली UPSC स्टूडेंट की मौत हादसा नहीं हत्या थी, लिव इन पार्टनर निकली कातिल, जानें कैसे दिया हत्याकांड को अंजाम
दिल्ली में फॉरेंसिक साइंस की छात्रा अमृता चौहान ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर अपने प्रेमी और UPSC अभ्यर्थी रामकेश मीना की हत्या कर दी. हत्या को गैस लीक हादसे का रूप देने के लिए उसने कमरे में आग लगाई. CCTV फुटेज और मोबाइल लोकेशन ने साजिश का पर्दाफाश किया.
नई दिल्ली: दिल्ली के गांधी विहार में कुछ हफ्ते पहले लगी आग की जांच में जो सच्चाई सामने आई, उसने सबको हैरान कर दिया. पुलिस ने खुलासा किया कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि एक सोची-समझी हत्या थी. इस वारदात की मास्टरमाइंड 21 वर्षीय फॉरेंसिक साइंस की छात्रा अमृता चौहान निकली, जिसने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर अपने प्रेमी की बेरहमी से हत्या कर दी.
6 अक्टूबर की सुबह पुलिस को गांधी विहार की एक बिल्डिंग में आग लगने की सूचना मिली. दमकल ने आग बुझाई तो अंदर 32 वर्षीय रामकेश मीना का झुलसा शव मिला. पहले यह गैस लीक का मामला लगा, लेकिन कमरे की हालत ने पुलिस को शक में डाल दिया. जांच में पता चला कि मृतक UPSC की तैयारी कर रहा था और फॉरेंसिक छात्रा अमृता के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में था.
मोबाइल डेटा में क्या मिला?
पुलिस ने CCTV फुटेज और मोबाइल डेटा खंगाला तो साजिश का पूरा जाल सामने आ गया. फुटेज में रात करीब 2:20 बजे दो लोग मुंह ढंके हुए बिल्डिंग में दाखिल होते दिखे और कुछ देर बाद एक लड़की बाहर निकलती दिखाई दी. बाद में पहचान हुई कि वह अमृता चौहान थी. मोबाइल लोकेशन ने भी पुष्टि की कि वह वारदात की रात वहीं मौजूद थी.
आखिर क्यों उठाया ऐसा कदम?
18 अक्टूबर को पुलिस ने अमृता को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया. पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने अपने पूर्व प्रेमी सुमित कश्यप और दोस्त संदीप कुमार के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी. अमृता ने बताया कि रामकेश ने उसके निजी वीडियो और फोटो हार्ड डिस्क में सेव कर रखे थे और डिलीट करने से मना कर दिया था. इससे नाराज होकर उसने बदला लेने की ठानी.
कैसे दिया वारदात को अंजाम?
तीनों आरोपी 5-6 अक्टूबर की रात गांधी विहार पहुंचे. पहले उन्होंने रामकेश का गला दबाया फिर डंडे से पीटकर हत्या कर दी. शरीर पर घी, तेल और वाइन डालकर आग लगा दी. सुमित जो LPG सिलेंडर डिस्ट्रीब्यूटर था, उसने सिलेंडर का नॉब खोलकर गैस फैलाई और फिर आग लगाई. सबूत मिटाने के लिए अमृता ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया ताकि यह हादसा लगे.
पुलिस ने कैसे सुलझाई गुत्थी?
18 से 23 अक्टूबर के बीच पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार किया. अमृता के पास से हार्ड डिस्क, ट्रॉली बैग और मृतक की शर्ट बरामद की गई. उसने यह क्राइम वेब सीरीज देखकर परफेक्ट मर्डर की प्लानिंग की थी और हर कदम वैज्ञानिक तरीके से उठाया लेकिन दिल्ली पुलिस की तिमारपुर टीम ने तकनीकी सर्विलांस और CCTV फुटेज की मदद से इस 'परफेक्ट मर्डर' की गुत्थी सुलझाई.