दिल्ली में नकली इंजन ऑयल बेचने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है. पुलिस ने छापेमारी कर नकली तेल, मशीनरी और पैकेजिंग सामग्री जब्त की. गिरोह ने कैस्ट्रोल, टीवीएस और हीरो जैसी प्रसिद्ध कंपनियों के नाम पर तेल तैयार किया. आरोपी मनीष गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है. यह गिरोह पिछले छह सालों से सक्रिय था और नकली तेल को विभिन्न राज्यों में वितरित कर रहा था. पुलिस अब अन्य आरोपी तलाशने में लगी हुई है.
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कबीर नगर स्थित गोदाम में छापेमारी कर नकली लुब्रिकेंट तेल बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया. मुख्य आरोपी मनीष गुप्ता को गिरफ्तार कर तेल, मशीनरी और पैकेजिंग सामग्री जब्त की गई. पुलिस ने बताया कि तेल को कैस्ट्रोल और टीवीएस जैसे ब्रांड के कंटेनरों में भरा जाता था.
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बेस ऑयल और एडिटिव्स को मिलाकर नकली इंजन तेल बनाता था. तेल को पुराने या एक्सपायर्ड कंटेनरों में भरा जाता और नकली लेबल, होलोग्राम व बैच नंबर लगाकर बाजार में भेजा जाता था. आरोपी ने इसका संचालन पिछले छह वर्षों से किया.
गिरोह तेल को उदयपुर, श्रीनगर और सहारनपुर के रिटेलरों को कम कीमत पर बेचता था. प्रतिदिन लगभग 150 लीटर तेल तैयार होता था. आरोपी का दावा है कि इससे उसे हर महीने लगभग 50 हजार रुपये का मुनाफा होता था. पुलिस अब इसके नेटवर्क और अन्य आरोपी तलाश रही है.
मनीष गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उसके पास कोई लाइसेंस या तकनीकी योग्यता नहीं थी. पकड़े जाने से बचने के लिए वह स्टोरेज की जगह बदलता और सावधानीपूर्वक संचालन करता था. उसके इस कदम से उपभोक्ताओं की सुरक्षा खतरे में थी.
पुलिस ने फैक्ट्री को सील कर दिया है और मामले की आगे जांच जारी है. मनीष गुप्ता से पूछताछ के बाद अन्य गिरोह के सदस्यों की तलाश शुरू कर दी गई है. पुलिस ने उपभोक्ताओं से भी चेतावनी दी है कि केवल भरोसेमंद स्रोतों से ही इंजन ऑयल खरीदा जाए.