T20 World Cup 2026

आज से दिल्ली की 100 अटल कैंटीनों में मिलेगा 5 रुपये में भरपेट खाना, जानें मेन्यू और टाइमिंग

दिल्ली में 100 अटल कैंटीन शुरू की गई हैं जहां सिर्फ 5 रुपये में पौष्टिक भोजन मिलेगा. पहले चरण में 45 कैंटीन खोली गई हैं और बाकी जल्द शुरू होंगी.

@gupta_rekha X account
Km Jaya

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने आज राजधानी के लोगों के लिए एक बड़ी राहत योजना की शुरुआत की है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 100 अटल कैंटीन का शुभारंभ किया है, जहां सिर्फ 5 रुपये में भरपेट और पौष्टिक भोजन मिलेगा. यह योजना खास तौर पर गरीबों, मजदूरों और कम आय वाले परिवारों को ध्यान में रखकर शुरू की गई है. सरकार का कहना है कि कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए, यही इस योजना का मुख्य उद्देश्य है.

इस योजना की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर की गई है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अटल कैंटीन दिल्ली की आत्मा बनेगी और यहां भोजन को सम्मान के साथ उपलब्ध कराया जाएगा. आम तौर पर दाल, चावल, रोटी और सब्जी का खाना बाजार में 50 से 200 रुपये तक में मिलता है, लेकिन अब यही भोजन सिर्फ 5 रुपये में मिलेगा.

पहले चरण में कितनी कैंटीनें खोली गईं?

आज पहले चरण में दिल्ली के 45 इलाकों में अटल कैंटीन खोली गई हैं. इनमें आर के पुरम, जंगपुरा, शालीमार बाग, ग्रेटर कैलाश, राजौरी गार्डन, नरेला और बावाना जैसे इलाके शामिल हैं. सरकार ने बताया कि बाकी 55 कैंटीन आने वाले दिनों में शुरू की जाएंगी. सभी 100 कैंटीन चालू होने के बाद हर दिन हजारों लोगों को सस्ता और पौष्टिक भोजन मिलेगा.

क्या है कैंटीन का मेन्यू?

अटल कैंटीन में थाली का मेनू तय किया गया है. इसमें दाल, चावल, चपाती, सब्जी और अचार शामिल होगा. यह भोजन साफ सफाई और गुणवत्ता के मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा. सरकार का दावा है कि खाने की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

क्या रहेगा टाइमिंग?

कैंटीन में रोज दो समय खाना मिलेगा. दोपहर का भोजन सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक और रात का भोजन शाम 6.30 बजे से रात 9.30 बजे तक दिया जाएगा. एक कैंटीन से रोज करीब 500 लोगों को भोजन देने का लक्ष्य रखा गया है.

किन लोगों के लिए होगा ज्यादा फायदेमंद?

दिल्ली सरकार का मानना है कि यह योजना मजदूरों, रिक्शा चालकों, निर्माण श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी मदद साबित होगी. बढ़ती महंगाई के दौर में 5 रुपये की थाली गरीबों के लिए संजीवनी की तरह है. सरकार ने साफ किया है कि भविष्य में जरूरत के अनुसार इस योजना का दायरा और बढ़ाया जा सकता है.