Valentine Day 2026

दिल्ली में दमघोंटू हवा, कोहरे और सुस्त हवाओं ने बढ़ाया जहर; AQI ‘बहुत खराब’

दिल्ली में कोहरा और धीमी हवाओं के कारण वायु प्रदूषण फिर गंभीर होता जा रहा है. एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया है और अगले दो दिनों तक हालात सुधरने की संभावना कम है.

grok
Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में सर्द मौसम के साथ प्रदूषण ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है. कोहरे की चादर और हवा की बेहद कम रफ्तार के चलते प्रदूषक कण वातावरण में फंसे हुए हैं. मंगलवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया. हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में सांस लेना भी मुश्किल होता जा रहा है. मौसम और हवा की स्थिति को देखते हुए फिलहाल राहत के आसार नजर नहीं आ रहे हैं.

कोहरे और मंद हवा ने बिगाड़ी स्थिति

दिल्ली में मंगलवार को सुबह से ही कोहरे का असर देखने को मिला. इसके साथ ही हवा की गति बेहद धीमी रही, जिससे प्रदूषक कण वातावरण में जमा होते चले गए. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, शहर का औसत एक्यूआई 360 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है. यह स्तर संवेदनशील लोगों के साथ-साथ सामान्य नागरिकों के लिए भी स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकता है.

एक दिन में एक्यूआई में तेज उछाल

सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को दिल्ली का एक्यूआई 297 था, जो ‘खराब’ श्रेणी में गिना जाता है. महज 24 घंटे में इसमें 63 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई. यह इजाफा मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों का नतीजा माना जा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हवा की गति इसी तरह कम बनी रही, तो प्रदूषण का स्तर और ऊपर जा सकता है.

पीएम 2.5 और पीएम 10 ने बढ़ाई चिंता

दिल्ली की हवा में पीएम 10 का औसत स्तर 336 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जबकि पीएम 2.5 का स्तर 201.3 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा. ये दोनों ही मानक तय सुरक्षित सीमा से लगभग तीन गुना अधिक हैं. इतनी अधिक मात्रा में सूक्ष्म कण फेफड़ों और हृदय से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए.

इन इलाकों में हवा रही सबसे खराब

मंगलवार को राजधानी के पांच इलाकों में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई. आनंद विहार में एक्यूआई 436, द्वारका में 426, जहांगीरपुरी में 407, नेहरू नगर में 416 और रोहिणी में 406 रिकॉर्ड किया गया. इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को खुले में निकलने से बचने और अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

आगे क्या कहते हैं पूर्वानुमान

वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के अनुसार, अगले दो दिनों तक हवा की रफ्तार आमतौर पर 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम ही रहने की संभावना है. ठंड के कारण प्रदूषण के स्रोतों में भी कोई खास कमी नहीं आने वाली. ऐसे में दिल्ली की हवा अगले कुछ दिनों तक ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी रह सकती है. लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी एहतियात बरतने की जरूरत है.