दिल्ली में संविदा कर्मचारियों के लिए आप ने शुरू की बड़ी मुहिम, 1 मार्च को जंतर-मंतर पर होगा धरना
भारद्वाज ने कहा कि जब पड़ोसी, रिश्तेदार या गांव के लोग ऐसे बोर्ड देखेंगे, तो भाजपा उस गली में भी वोट मांगने नहीं घुस पाएगी. लोग खुद पूछेंगे कि नौकरी छीनने के बाद भाजपा यहां वोट कैसे मांग रही है.
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली में भाजपा सरकार द्वारा संविदा पर नियुक्त हजारों कर्मचारियों को नौकरी से हटाए जाने के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया है. पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने रविवार को ऐलान किया कि 1 मार्च को जंतर-मंतर पर सभी प्रभावित संविदा कर्मचारी एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे.
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बस मार्शल, डीटीसी के कंडक्टर-ड्राइवर, अस्पतालों के डेटा एंट्री ऑपरेटर, नर्स, फार्मासिस्ट और मोहल्ला क्लीनिक से जुड़े सभी भाई-बहन इस मुद्दे पर एकजुट हैं. उन्होंने बताया कि डीएमएस (दिल्ली मेडिकल सर्विसेज) के करीब 400 कर्मचारी पहले से ही AAP के साथ हैं, जबकि 10 हजार बस मार्शलों और 6 हजार अन्य संविदा कर्मचारियों से संपर्क किया जा रहा है.
आप को 1 मार्च को जंतर-मंतर पर होगा धरना
सौरभ भारद्वाज नेआरोप लगाया कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों में पिछले 10 साल से काम कर रहे डेटा एंट्री ऑपरेटरों को एक-एक करके हटाया जा रहा है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है. भारद्वाज ने कहा, "यह सरकार को अपनी ताकत दिखाने का समय है. हमारे पास 15 दिन का वक्त है. इन 15 दिनों में हर उस व्यक्ति तक पहुंचना है जिसकी नौकरी खतरे में है या जिसे पहले ही निकाल दिया गया है."
उन्होंने सभी संविदा कर्मचारियों से अपील की कि 1 मार्च (रविवार) को अपनी रोटी-रोजी बांधकर जंतर-मंतर पहुंचें. अगर 2 मार्च तक सरकार नहीं मानी, तो 3 मार्च से हर कर्मचारी अपने घर के बाहर बड़ा बोर्ड लगाएगा, जिस पर लिखा होगा - 'मेरी नौकरी भाजपा ने छीन ली है'.
भारद्वाज ने कहा कि जब पड़ोसी, रिश्तेदार या गांव के लोग ऐसे बोर्ड देखेंगे, तो भाजपा उस गली में भी वोट मांगने नहीं घुस पाएगी. लोग खुद पूछेंगे कि नौकरी छीनने के बाद भाजपा यहां वोट कैसे मांग रही है?यह प्रदर्शन दिल्ली में संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा और स्थायी नौकरी की मांग को लेकर AAP की ओर से एक मजबूत कदम माना जा रहा है. पार्टी का दावा है कि यह आंदोलन लाखों परिवारों की आजीविका से जुड़ा है और इसे दबाया नहीं जा सकेगा.